टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत, आंदोलन में बैठे कैथल के किसान को आया हार्ट अटैक

कैथल के पूंडरी के किसान किसान बलदेव ढुल।

किसान आंदोलन में एक और किसान की मौत हो गई। टिकरी बार्डर में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में कैथल के पूंडरी कस्‍बे के किसान की मौत हो गई। किसान बलदेव को हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 04:29 PM (IST) Author: Anurag Shukla

पानीपत/कैथल, जेएनएन। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करवाने के लिए दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों को करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन न तो सरकार किसानों को मना पाई है और न ही कृषि कानूनों को निरस्त किया गया है, लेकिन दिल्ली में चल रहा ये आंदोलन लगातार किसानों की बलि ले रहा है और सरकार फिर भी खामोश है।

टिकरी बार्डर पर बीती रात गांव भाणा के एक ओर किसान बलदेव ढुल लगभग 60 वर्ष का भी हार्ट अटैक होने से देहांत हो गया। बता दें कि पहले भी गांव भाणा के किसान रामकुमार ढुल की धरने पर ही जान गंवा चुके हैं। परिजनों ने बताया कि बलदेव बॉडेर पर चल रहे धरने में हिस्सा ले रहा था। वीरवार को किसान बलदेव ढुल को हार्ट अटैक आया, जिसको बहादुरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां पर बलदेव को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। किसान अपने पीछे दो लड़के व एक लड़की छोड़ गया जो कि शादीशुदा है।

ग्रामीणों के अनुसार मृतक के पास दो एकड़ लगभग जमीन है। शुक्रवार को गमगीन माहौल में किसान का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मौके पर मौजूद कांग्रेसी नेता सतबीर भाणा ने कहा कि सरकार अपनी हठ छोड़कर किसानों की सुध ले। उन्होंने धरने पर शहीद हो रहे किसानों के लिए उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। इस मौके पर सतबीर भाणा के अलावा कांग्रेसी नेता सुलतान ङ्क्षसह जडौला व भाकियू के होशियार गिल व भूराराम पबनावा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

किसानों को समर्थन देने टिकरी बाॉर्डर पर पहुंचे कैथल के वकील 

कैथल जिला बार एसोसिएशन कैथल के तत्वावधान में वकीलों का एक जत्था तीन कृषि कानूनों को लेकर धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देने के लिए टिकरी बॉर्डर पर पहुंचा। बार एसोसिएशन के प्रधान नफे ङ्क्षसह बेरवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि अपना हठ छोड़कर किसानों की मांगों को तुरंत पूरा करे और तीन काले कानून वापस ले ताकि कड़ाके की ठंड में किसान सड़क पर बैठने को मजबूर ना हो और किसानों की शहादत को रोका जा सके। किसानों की लड़ाई सच्ची है। जिला बार एसोसिएशन इस संघर्ष में पूरी तरह से किसानों के साथ है। वकीलों में बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान पीएल भारद्वाज, हरपाल, बलराज नौच, राकेश नैन, अमृत मलिक, अमनदीप माजरा, रणधीर राणा, रामनिवास सहारण, सूबे सिंह, सुरेंद्र मोर, राजबहादुर, पुष्पेंद्र, अनिल सैनी भी मौजूूूद रहे। 

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