आडिट में खुली पोल, रजिस्‍ट्रेशन के बाद कामर्शियल वाहनों का कई साल का टैक्‍स बकाया

Ambala RTA department exposed अंबाला में पंजीकरण कराने के बाद कामर्शियल वाहनों के टैक्स ट्रांसपोर्ट मालिकों ने नहीं जमा कराया है। कामर्शियल वाहनों का कई सालों का रोड टैक्‍स बकाया है। रजिस्ट्रेशन रद करने का आदेश देकर भूला आरटीए विभाग।

Anurag ShuklaMon, 22 Nov 2021 09:50 AM (IST)
कामर्शियल वाहनों का टैक्‍स कई सालों का बकाया है।

 अंबाला, जागरण संवाददाता। आरटीए कार्यालय अंबाला आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। आरटीए टीम की कार्रवाई को लेकर समय समय कामर्शियल वाहन मालिकों में खलबली बनी रहती है। कोरोना काल में विभागीय आडिट में आरटीए में पंजीकृत ऐसे वाहनों की सूची तैयार हुई, जिन्होंने पंजीकरण तो करा लिया, लेकिन रोड टैक्स ही नहीं जमा कराया। बिना रोड टैक्स जमा हुए इन वाहनों का व्यवसायिक प्रयोग होता रहा। आडिट में 31 मार्च 2016 से 31 मार्च 2020 तक पंजीकृत करीब 3500 कामर्शियल वाहन के नंबर पकड़ में आए जिनका टैक्स विभाग में कई साल से नहीं जमा है। यह देखते हुए आरटीए सचिव की तरफ से पंजीकृत वाहन मालिकों को नोटिस भेजकर टैक्स जमा कराने का समय दिया गया। बावजूद इसके कुछेक को छोड़कर बाकी ने रोड टैक्स नहीं जमा किया। अधिकारी बदल गए और विभाग से जारी आदेश करके रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का आदेश मौजूदा अधिकारी भूल गए।

समाचार पत्रों में इस्तहार भी निकले

आरटीए के चार्ज पर रहीं एडीसी प्रीति ने विभागीय आडिट रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। इसके लिए समाचार पत्रों में इस्तहार प्रकाशित कराते हुए कामर्शियल वाहन मालिकों को टैक्स जमा कराने के लिए समय दिया गया। साथ ही चेतावनी दी गई यदि समय सीमा के अंदर निर्धारित टैक्स नहीं जमा किया तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।

एचआर 37 सीरीज के हैं कामर्शियल वाहन

अंबाला आरटीए कार्यालय में पंजीकृत कामर्शियल वाहनों के लिए एचआर 37 की सीरीज है। इसमें एचआर 37 ए से लेकर एचआर 37 डी तक करीब 50 हजार वाहन कामर्शियल में पंजीकृत हैं। पंजीकृत कामर्शियल वाहनों में छोटी गाड़ी में कार, जीप, मैजिक, टाटा एस, हैवी गाड़ियां, ट्राला शामिल हैं।

रोड टैक्स तो जमा पर गुड टैक्स नहीं भरे

गुड टैक्स यानी एक्साइज ड्यूटी जमा करने के लिए वर्ष 2018 में सभी फाइलें आरटीए कार्यालय में आ गई। कामर्शियल वाहनों के मालिकों ने रोड टैक्स तो जमा किए, लेकिन आधे से अधिक ने एक्साइज ड्यूटी जमा करने में रुचि नहीं दिखाई। अब अगर आरटीए कार्यालय में एक्साइज टैक्स बकाया देखा जाए तो करोड़ों रुपए हो चुका है।

इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं चेक कराता हूं अगर पहले इस तरह की कार्रवाई शुरू हुई थी तो उसे पूरा किया जाएगा। टैक्स जमा नहीं करने वालों से रिकबरी करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

- अमरेंद्र सिंह, आरटीए अंबाला।

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