दशहरा मेला में अंबाला प्रशासन सतर्क, धार्मिक संस्‍थाओं को दी ये चेतावनी

इस बार कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के चलते प्रशासन सख्‍त है। अंबाला प्रशासन ने दशहरा कमेटियों को सख्‍त निर्देश दिए हैं। अंबाला प्रशासन ने कहा है कि मेले में 500 से ज्‍यादा लोग नहीं होने चाहिए।

Anurag ShuklaThu, 14 Oct 2021 09:53 AM (IST)
अंबाला में लगने वाले दशहरा मेला में प्रशासन सतर्क है।

अंबाला, जागरण संवाददाता। दशहरा मेला काे लेकर अंबाला प्रशासन ने शर्त लगाई है कि यहां आने वाले लोगों की संख्या 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कोरोना महामारी की वजह से दशहरा का पर्व पिछले वर्ष भी फीका रहा। इस बार प्रशासन की ओर से कोरोना के नियमों का पालन करने के लिए सख्त निर्देश जारी किये है। इसे पूरा कर पाना किसी भी धार्मिक संस्था के लिए मुश्किल साबित हो सकता है। इसीलिए कुछ संस्थाओं ने इस बार भी दशहरा का मेला न करने का फैसला ले लिया है जिससे मेला देखने वाले लोग खासकर बच्चे काफी निराश है।

डीसी विक्रम सिंह का कहना है कि वे हर उस संस्था को दशहरा का मेला करने की परमिशन देंगे जो कोरोना के नियमो का पालन करेगा। संस्थाओं को कहा गया है कि अगर कोरोना नियमों का पालन होगा तो ही परमिशन मिल पाएगी। इन स्थितियों को देखकर लगता है कि इस बार भी लोग दशहरा मेला देखने से वंचित रह सकते हैं। अंबाला छावनी में स्थित अनाज मंडी रामलीला कमेटी के प्रधान सुभाष गोयल का कहना है कि इस बार भी वह कोरोना की गाइडलाइन के चलते दशहरे मेले का आयोजन नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशासन से दशहरा मेला करवाने की इजाजत मांगी थी जो कि उन्हें प्रशासन द्वारा मिल गई है लेकिन प्रशासन द्वारा यह शर्त लगा दी गई है कि मेले का आयोजन कोरोना गाइडलाइंस के तहत किया जाए। उन्होंने कहा कि गाइड लाइन के अनुसार मेले में खाली 500 आदमी तक आ सकते हैं जबकि मेले में 50,000 के लगभग लोग आते हैं इसीलिए हमारे द्वारा लोगों को रोक पाना असंभव है दूसरी ओर जिस ग्राउंड में दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है उस ग्राउंड की हालत थी बहुत खराब है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दशहरे का मेला तो हर किसी का मनपसंद त्योहार है और हर बच्चा इस का आनंद लेना चाहता है पर कोरोना की वजह से पिछले साल भी इसका आयोजन नहीं हो पाया था। लोगों का कहना है कोरोना के चलते पिछले 2 साल से दशहरे का आयोजन ग्राउंड में नहीं हो पा रहा। बच्चे हमारी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं अब वह सारा दिन मोबाइल पर ही लगे रहते हैं पहले मां बाप बच्चों को दशहरा मेला दिखाने के लिए ग्राउंड में लेकर जाया करते थे लेकिन अब करोना के चलते सब कुछ ठप हो गया है।

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