खुले आसमान के नीचे गेहूं के 50 लाख कट्टे, भंडारण की व्यवस्था लचर

यमुनानगर में खुले आसमान के नीचे गेहूं के 50 लाख कट्टे खुले पड़े हैं। इनके भंडराण तक की व्‍यवस्‍था हनीं है। अलग-अलग अनाज मंडियों में कुछ ऐसे ही हाल हैं। तेज बारिश की वजह से अब ये खराब होना शुरू हो गए हैं।

Anurag ShuklaFri, 30 Jul 2021 05:12 PM (IST)
तिरपाल के भराेसे खुले में रखे गेहूं के कट्टे।

यमुननानगर, जागरण संवाददाता। भंडारण की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण गेहूं खुले आसमान के नीचे है। अलग-अलग अनाज मंडियों में डीएफएससी, हैफेड व वेयर हाउस के 50 लाख से अधिक कट्टे ओपन प्लिंथ पर हैं। हालांकि इनको तिरपाल से पूरी तरह ढका हुआ है, लेकिन बारिश झेलने के लिए यह पर्याप्त नहीं हैं। बारिश की तेज बौछारों के कारण यह खराब होनी शुरू हो गई है। जगाधरी, छछरौली, खिजराबाद सहित अन्य अनाज मंडियों में यह गेहूं पड़ा है।

दो माह पहले किया था स्टाक

गेहूं की खरीद का सीजन पूरा होने के बाद मई-जून माह में डीएफएससी , हैफेड और वेयर हाउस ने गेहूं को ओपन में स्टाक कर लिया, क्योंकि सरकार के पास अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में गोदाम नहीं हैं। मंडियों से यह स्टाक आज तक नहीं उठ पाया। हालांकि डिमांड के मुताबिक अब उठना शुरू हुआ है, लेकिन बहुत ही धीमी गति से। गोदाम की समस्या से केवल हैफेड ही नहीं बल्कि वे तमाम एजेंसियां जूझ रही हैं जो अनाज की खरीद करती हैं। जानकारों के अनुसार जितना अनाज एजेंसियों द्वारा खरीदा जाता है उसके आधे का भंडारण करने के भी इनके पास गोदाम नहीं है। गोदाम नहीं होने से अनाज को खुले आसमान के नीचे रखना होता है

यह है भंडारण की व्यवस्था

खाद्य और आपूर्ति विभाग के कार्यालय के परिसर : 8400 टन

जगाधरी : 10 हजार टन

जगाधरी स्टैंड : 10 हजार टन

छछरौली : 5 हजार टन

भंडारण की हो व्यवस्था

भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री रामबीर सिंह चौहान का कहना है किसान जो अनाज पैदा कर रहा है, सरकार उसको भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। पैदावार के लिहाज से भंडारण की व्यवस्था बहुत कम है। सरकार की अनदेखी के कारण प्रतिवर्ष लाखों क्विंटल गेहूं खराब हो जाता है। मंडियों में जो शेड किसानों के लिए बने हुए हैं, वे भी पर्याप्त नहीं है। मंडियों में पर्याप्त शेड भी पर्याप्त होने चाहिए।

नए गोदाम बनाने की जरूरत

जगाधरी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनीश कांबोज का कहना है कि भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण खरीद एजेंसियां अनाज मंडियों में खुले में ही गेहूं की चट्टे लगाए जाते हैं। जितना अनाज गोदामों में रखा जाता है, उससे कई गुणा अधिक खुले आसमान के नीचे रहता है। नए गोदाम बनाए जाने की जरूरत है। सरकार के पास भंडारण की व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि अनाज महफूज रह सके।

 

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