कैथल के 50 स्‍वतंत्रता सेनानी थे आजाद हिंद सेना में, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का दिया हर कदम साथ

गांव कुतुबपुर के स्वतंत्रता सेनानी स्व. बख्तावर सिंह।

Subhash Chandra Bose 2021 नेता जी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में कैथल जिले से 50 स्वतंत्रता सेनानी थे। गांव कुतुबपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी बख्तावर सिंह की मांग थी कि नेताजी के नाम से स्मारक बने।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 05:10 PM (IST) Author: Anurag Shukla

पानीपत/कैथल, जेएनएन। Subhash Chandra Bose Jyanti 2021 कैथल में 50 स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाते हुए अंग्रेजों से लोहा लिया था। आजादी के बाद भारत सरकार ने इन देशभक्तों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया था। इनमें आजाद हिंद फौज से लेकर दूसरे संगठनों में भारत की आजादी के लिए काम करने वाले शामिल थे। आज इन में से कोई भी जिंदा नहीं है। प्रदेशभर में 5000 के करीब लोगों ने आजादी की लड़ाई में भाग लिया था। सरकार की तरफ से स्वतंत्रता सेनानियों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई। कई स्वतंत्रता सेनानियों की पत्नियां तो आज भी पेंशन का लाभ ले रही हैं।

कैथल जिले से संबंध रखने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन चीका निवासी करनैल सिंह, कर्म सिंह, महाबीर सिंह, जयपाल, शमशेर सिंह, अजमेर सिंह का कहना है कि सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को नौकरियों में भी आरक्षण की सुविधा दे ताकि उनके बच्चों को  लाभ मिल सके। वहीं, कुतुबपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी बख्तावर ङ्क्षसह के बेटे शमशेर सिंह ने कहा कि उनके पिता की मांग रही है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम से कैथल शहर में किसी भी सड़क पर स्मारक बनाया जाए, लेकिन आज तक भी यह मांग पूरी नहीं  हो पाई है। वह भी कई बार जिला प्रशासन यहां तक कि सरकार के मंत्री और विधायकों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

ये थे जिले के स्वतंत्रता सेनानी

मनीराम, सुंदर सिंह, कुतुबपुर गांव निवासी बख्तावर, रामकिशन, दीवान सिंह पट्टी अफगान, केहर सिंह दुब्बल, शंकर हरसौला, टालीराम हरसौला, बेद प्रकाश, हंसराज, बलदेव अमरगढ़ गामड़ी, देवतराम, हरफूल कुतुबपुर, चरण सिंह क्योड़क, प्रेमचंद, कुंदनलाल, बृजलाल, झागुराम, काका राम, बीर सिंह डोहर, जगत सिंह, दींवान सिंह गुहला, हरनाम ङ्क्षसह, जीताराम ककराला, जयराम भागल, प्रभा सिंह कक्योरी, सुंदर मस्तगढ़, सूरजभान भागल, प्रीतम गिरधर, सरूप सिंह, बंताराम, हरगोपाल, धन सिंह फतेहपुर, जसवंत, जंगीर सिंह हाबड़ी, तारा फरल, रतन सिंह, सिंगरा, हरनाम सिंह हाबड़ी, हरि सिंह करोड़ा, मेवा सिंह, मुंशीराम, भगवान ङ्क्षसह सेरधा, मोहन सिंह सेरधा, संता सिंह राजौंद, जगत लाल किठाना, किरोड़ी मल किठाना, जीतानंद किठाना, इंद्र किठाना, दूनीचंद खेड़ी, सुरजीत बालू थे, जो देश के लिए आजादी की लड़ाई लड़े।

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