400 प्लाज्मा दानी खोज निकाले, पानीपत में बेटियां भी जिंदगी बचा रहीं

पानीपत में 400 प्लाज्मा दानी खोज निकाले।

पानीपत में कोरेाना महामारी से निपटने के लिए अब लोग खुलकर साथ दे रहे हैं। अब कोरेाना मरीजों के लिए प्‍लाज्‍मा जुटाया जा रहा है। घर से लेकर आते छोड़कर जाते हैं। रात तक अस्पताल में रुकते हैं विधायक कार्यालय से बनी टीम।

Anurag ShuklaWed, 05 May 2021 07:01 AM (IST)

पानीपत, [रवि धवन]। पानीपत शहर में बस स्टैंड के नजदीक है विधायक प्रमोद विज का कार्यालय। कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित मरीज के स्वजन यहां पहुंचे। आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। दरअसल, उन्हें ऐसे व्यक्ति के प्लाज्मा की जरूरत थी, जो कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हुआ हो। उसी के प्लाज्मा से उनके स्वजन की जान बच सकती थी। यह अकेला केस नहीं था। शाम होते-होते दर्जनों फोन घनघना गए। असहायों की मदद करने वाला कोई नहीं था। तब मुनीष आर्य, मुनीष जैन, सुशील कत्याल और एडवोकेट दीपेश रहेजा की टीम बनाई गई।

इस टीम ने तीन दिन में पांच हजार से ज्यादा लोगों को फोन कर दिए। ये फोन उन्हें किए गए, जो कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हो चुके थे। प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार थे। इस तरह चार सौ लोगों की जब इनकी पास सूची बन गई तो इन्हीं लोगों की मदद से रोजाना प्लाज्मा दान करवा रहे हैं। किसी को घर से लेकर आते हैं, छोड़कर आते हैं, तो किसी को मुश्किल से मनाते हैं, प्रेरित करते हैं। दो दिन से टीम के चारों सदस्य रात के एक बजे घर पहुंच रहे हैं। क्योंकि प्लाज्मा दान करने वाले के साथ खड़े रहना जरूर होता है, ताकि उनका हौसला बना रहे। जानिये, इन चारों के बारे में। किस तरह प्लाज्मा दान करवा रहे।

मुनीष आर्य

आर्य समाजी हैं। सात साल से प्रमोद विज के साथ ही जुड़े हैं। जब जिला अध्यक्ष थे, तब भी उनके सहायक थे। अब विज विधायक हैं तो उनका कार्यालय संभालते हैं। टीम का नेतृत्व वही कर रहे हैं। कंप्यूटर आपरेटर से लेकर कार्यालय में काम करने वाले सभी लोगों में उन्होंने कोरोना संक्रमितों के नंबर बांट दिए। रात को दस बजे तक फोन किए जाते रहे। जो एक बार मना करता, उसे दोबारा कॉल कर समझाते कि आपकी वजह से किसी की जिंदगी बच सकती है। इस तरह भी कम से कम सौ लोगों को तैयार किया।

मुनीष जैन

पिछले वर्ष जब लॉकडाउन लगा था, तब मुनीष राशन की सेवा कर रहे थे। जरूरतमंद लोगों के घर खाना पहुंचा रहे थे। उसी दौरान मुनीष आर्य से इनका संपर्क हुआ। तब से आर्य की टीम में जुड़ गए हैं। प्लाज्मा दान करने के लिए जब टीम बनाई जा रही थी तो सबसे आगे यही खड़े थे। हैंडलूम की फैक्ट्री है। इन दिनों काम परिवार के भरोसे छोड़ दिया है, खुद सुबह नौ बजे से रात तक अस्पताल में रहते हैं। प्लाज्मा दान करने वालों को लेकर आते हैं, उन्हें छोड़कर आते हैं।

एडवोकेट दीपक रहेजा

वकालत करने वाले दीपक रहेजा इन दिनों समाजसेवा में जुटे हैं। एक दिन पहले ही रात को एक बजे घर पहुंच थे। दीपक ने बताया कि उन्होंने सिविल अस्पताल से कोरोना संक्रमितों की सूची ली थी। इसके बाद इन्हें फोन किए गए। अब लोगों का भ्रम टूट रहा है। उन्हें पता चला है कि उनकी वजह से किसी की जान बचाई जा सकती है।

सुशील कत्याल

पानीपत के ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में पोलिस्टर फाइबर की फैक्ट्री चलाते हैं। स्पिनिंग को कच्चा माल देते हैं। इन दिनों अपना काम बच्चों के हवाले कर दिया है। कह दिया है कि कोरोना संक्रमितों को बचाने के अभियान में हैं। लोगों की जान बचानी सबसे जरूरी है। काउंसिलिंग करने में सफल रहते हैं। जब कोई प्लाज्मा देने से मना करता है, टीम इनको फोन पकड़ा देती है। ये कहते हैं, आपसे महज एक यूनिट प्लाज्मा लिया जाएगा। आपकी बदौलत किसी की उखड़ती हुई सांसें बच जाएंगी। इनकी भावुक अपील पर लोग तुरंत समझ जाते हैं। जब फोन रखते हैं तो मुस्कुराते हुए कहते हैं, एक प्लाज्मा दानदाता का नाम और लिख लो।

जब बेटियों ने जान बचाई

अंसल में रहने वाली एक युवती ने प्लाज्मा दान करने के लिए सहमति दे दी थी। रात को मरीज आया तो ठीक उसके अगले दिन उन्हें नोएडा पहुंचना था। युवती पीछे नहीं हटी। रात को साढ़े बारह बजे प्लाज्मा देकर घर गई। अगले दिन नोएडा में नौकरी संभाली। इसी तरह अंसल में मां-बेटी प्लाज्मा दान करने के लिए पहुंचीं। मां पूरी तरह स्वस्थ नहीं थी। डाक्टरों ने उनका प्लाज्मा लेने से इन्कार कर दिया। बेटी घबराई नहीं। उसने कहा कि, कोई बात नहीं। वह तो प्लाज्मा दे सकती है। वह स्वस्थ थी। तब उसने प्लाज्मा दान किया। नोएडा निवासी मनस्वी ने पानीपत आकर प्लाज्मा दान किया। सेक्टर 13-17 की मुस्कान मल्होत्रा व वेगा कपूर ने भी प्लाज्मा दिया है। दिल्ली के कपड़ा कारोबारी संजय मित्तल की पत्नी अनु मित्तल के लिए वेगा कपूर ने प्लाज्मा दिया।

गुजरात के मधानी पहुंचे मदद करने

सनौली रोड स्थित ऋषि कॉलोनी के हैंडलूम व्यापारी तिलक राज की पत्नी तरुणा रानी को कोरोना संक्रमण हुआ है। हैदराबादी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें बी पाजिटिव प्लाज्मा की जरूरत थी। गुजराती मूल के जय मधानी यमुना एनक्लेव में रहते हैं। रिफाइनरी में काम करते हैं। उन्होंने बिना देर किए प्लाज्मा दान किया। इसी तरह कारोबारी अशोक छौक्करा को मॉडल टाउन के अग्रिम खुराना ने प्लाज्मा दिया।

दिल्ली वालों की सबसे ज्यादा मदद

इस समय पानीपत के अस्पतालों में दिल्ली के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन्हीं लोगों को प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत भी हो रही है। पानीपत के युवा इनका साथ नहीं छोड़ रहे। रोजना प्लाज्मा दिया जा रहा है।

हर संभव मदद कर रहे हैं

विधायक प्रमोद विज ने जागरण से बातचीत में कहा कि हर संभव मदद की जा रही है। उनकी टीम के चार प्रमुख सदस्य फ्रंटलाइन में खड़े हैं। रात तक अस्पताल में डटे रहते हैं। इस समय जान बचाना ही प्राथमिकता है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों को घबराना नहीं चाहिए। प्लाज्मा दान करने से किसी की जान बचाई जा सकती है।

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