हरियाणा के पानीपत से 4 साल में 300 बच्‍चे गायब, टूटा परिवार वालों का सब्र

पानीपत में चार साल में 300 बच्चे लापता हुए हैं। शहर विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में मामला उठाया था। सरकार ने सीबीआइ से जांच का फैसला लिया था। ढाई महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हुई है। अभिभावकों का सब्र टूटा बोले-शहर विधायक के कार्यालय के बाहर देंगे धरना।

Anurag ShuklaThu, 17 Jun 2021 05:00 PM (IST)
चार साल में पानीपत से 300 बच्चे लापता।

पानीपत, [विजय गाहल्याण]। चार साल में पानीपत से 300 बच्चे लापता हो गए। भाजपा विधायक प्रमोद विज ने गत वर्ष और इस साल भी बजट सत्र में यह मामला विधानसभा में उठाया। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआइ जांच कराने का फैसला लिया था। अभिभावकों उम्मीद जगी थी कि अब उनके लाडलों का पता चल पाएगा, पर ढाई महीने बाद भी मामले जांच शुरू नहीं हो पाई है।

अभिभावक विधायक के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इससे अभिभावकों को सब्र जबाव दे गया है और वे कह रहे हैं कि जल्द ही गृहमंत्री अनिल विज से मिलेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो शहर विधायक के कार्यालय के बाहर धरना देंगे क्योंकि उन्होंने ही जांच कराने का भरोसा दिलाया था। विधायक भी ऊहापोह में हैं कि जांच क्यों नहीं शुरू हो पाई है। आश्वासन से अभिभावकों को संतुष्ट करना मुश्किल है।

तारीख पर तारीख मिलती गई, नहीं हुआ समाधान

आरके पुरम कालोनी के सुभाष ने बताया कि उनका छोटा बेटा दीपक 11वीं में पढ़ता था। 29 जून, 2017 को लापता हो गया। हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, दिल्ली, पटियाला, लुधियाना और मेरठ सहित कई प्रदेशों में रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर पंपलेट चस्पा किए। बेटा नहीं मिला। कष्ट निवारण समिति में भी पहुंचे। एसआइटी भी उसकी तलाश नहीं कर सकी। हर बार तारीख पर तारीख मिलती गई, लेकिन बेटे को ढूंढ नहीं पाई।

इसी तरह मुखीजा कालोनी के मुमताज ने बताया कि उनका 14 वर्षीय बेटा शाहिद और भानजा अखलाक लापता हैं। कोई तो उन्हें ढूंढ लाए। अभिभावकों का कहना है कि सीबीआइ जांच शीघ्र नहीं हुई तो वे शहर विधायक के कार्यालय के बाहर धरना देंगे।

चार से 17 साल है ज्यादातर लापता बच्चों की आयु

पुलिस रिकार्ड के अनुसार जिले से चार से 17 साल की आयु के बच्चे लापता ज्यादा हैं। आरके पुरम कालोनी के सुभाष ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में बेटे दीपक की तलाश की गुहार लगाई थी। इसके बाद तत्कालीन डीएसपी जगदीप दूहन के नेतृत्व में एसआइटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) ने जांच की। लड़के का भेद नहीं चला। पीडि़त सुभाष शहर विधायक प्रमोद विज और गृहमंत्री अनिल विज से गुहार लगाई। विज ने विधानसभा में मामला उठाया तो सरकार ने सीबीआइ जांच का आश्वासन दिया था।

चंडीगढ़ डीजीपी कार्यालय से पता करूंगा

शहर विधायक प्रमोद विज ने कहा कि लापता बच्चों की जांच सीबीआइ ने क्यों नहीं शुरू की है इसका पता मंगलवार को चंडीगढ़ जाकर डीजीपी कार्यालय से कराऊंगा। यह मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए इसे गंभीरता लिया जा रहा है।

लापता बच्चों की जांच सीबीआइ से होनी है। अभी स्थानीय पुलिस से फाइल भी सीबीआइ को नहीं गई है।

- सतीश कुमार वत्स, डीएसपी मुख्यालय

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