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आंदोलन की हठ से कोरोना की जद में पहुंचा हरियाणा के गांव, किसानों के धरने से फैल रही महामारी

किसानों के आंदोलन से हरियाणा में गांवों तक कोरोना फैल रहा है। (फाइल फोटो)

CoronaVirus In Haryana हरियाणा में कोरोना वायरस की जद में अब गांव भी आ गए हैं। माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के कारण गांवों में भी कोरोना फैल रहा है और गांवों में भी लोग काेरोना से संक्रमित हाे रहे हैं।

Sunil Kumar JhaTue, 11 May 2021 12:47 PM (IST)

चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। CoronaVirus: हरियाणा सरकार खासकर स्वास्थ्य विभाग को जिसका डर था, वही हो गया। कृषि कानूनों में सुधारों के खिलाफ झज्जर के टीकरी बार्डर और सोनीपत के सिंघु बार्डर पर धरने पर बैठे लोग कोरोना संक्रमण का बड़ा कारण बन गए हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की जड़ में आंदोलनकारी किसान संगठनों की जिद छिपी है। सरकार की आशंकाओं पर अब स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।

स्वास्थ्य विभाग का सर्वे, संक्रमण फैलने की जड़ में छिपी किसान संगठनों की आंदोलन की जिद

हरियाणाा सरकार ने गांवों में महामारी को रोकने तथा पीड़ित लोगों के इलाज के लिए करीब आठ हजाार टीमें बनाई हैं। इन टीमों में से कई ने अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभााग को दी है, जिनमें कहा गय है कि धरना स्थलों के साथ लगते जिलों के किसान संगठनों के नेता और आम लोग यहां-वहां जाकर गांवों में महामारी को फैलाने में लगे रहे।

स्वास्थ्य विभाग के जरिये सरकार के पास पहुंची रिपोर्ट के मुताबक, रोहतक, जींद, कैथल, हिसार, झज्जर, गुरुग्राम और पानीपत सहित प्रदेश के अधिकतर उन्हीं जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण अधिक बढ़ा है, जहां के लोगों की धरना स्थलों पर निरंतर आवाजाही रही है।

उन्हीं गांवों में ज्यादा फैली महामारी, जहां धरना स्थलों से जुड़े लोगों की निरंतर रही आवाजाही

रोहतक जिले का टिटौली गांव इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जहां करीब 50 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। यहां प्रदर्शनकारी नेताओं का निरंतर आना-जाना रहा है। लोग भी धरनों पर आते जाते रहे। दूसरे गांवों में भी कुछ ऐसी ही स्थितियं हैं, जहां संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। इन गांवों में मृतकों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है।

अगर अब भी धरने खत्म नहीं हुए तो ग्रामीण क्षेत्रों में विस्फोटक हो सकता है महामारी का असर

हरियाणा सरकार ने इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लेते हुए गांवों में रहने वाले करीब 40 लाख परिवारों तक पहुंचकर ईलाज दिलाने का लक्ष्य निर्धारित कियाा है। इसके लिए 6700 गांवों में आठ हजार टीमों क गठन किया गया। प्रत्येक टीम कम से कम 500 परिवारों तक अपनी पहुंच बनाकर न केवल पीड़ित लोगों को इलाज देगी, बल्कि उनके तमाम तरह के टेस्ट भी सुनिश्चित करेगी।

दरअसल कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खतरे को भांपते हुए पिछले महीने प्रदर्शनकारियों को मानवता के नाते धरने खत्म करने की अपील की थी, ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री का कहना था कि हालात सामान्य होने तक किसान संगठन धरने स्थगित कर दें।

महामारी पर अंकुश पाने के बाद वह चाहें तो फिर धरने पर बैठ जाएं, उन्हें कोई नहीं रोकेगा। इसके बावजूद धरनों पर बैठे लोग नहीं माने और नतीजन गांवों में भी कोरोना फैलता चला गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहन है कि अभी भी हालाात काबू में हो सकते हैं। बशर्ते कि आंदोलन की जिद को छोड़कर लोग अपने घरों में रहें और महामारी को फैलने से रोकने में मदद करें।

गांवों में हर घर में जाकर जांच करेंगी टीमें

गांवाें में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने खास रणनीति बनाई है। ट्रेनी डाक्टरों की अगुवाई में आठ हजार टीमें सभी गांवों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। टीम में स्वास्थ्य विभाग, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर्स को शामिल किया गया है। हर परिवार की जांच उनके ऑक्सीजन और तापमान के स्तर की रिकार्डिंग के साथ होगी।

स्क्रीनिंग कैंप के दौरान किसी व्यक्ति में बुखार, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण मिले तो उसे तुरंत होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाएगी। हल्के और मध्यम लक्षण वालों को कोविड-19 के लिए निर्धारित दवाइयां दी जाएंगी। गंभीर लक्षण वाले लोगों को आवश्यक उपचार के लिए तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा।

ठीकरी पहरे लगाने के आदेश, कंटेंनमेंट जोन में आने-जाने पर रोक

गांवों में बढ़ते कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को ठीकरी पहरे लगवाने के निर्देश दिए हैं। जिन गांवों में ज्यादा मरीज हैं, उन्हें कंटेनमेंट जोन घोषित कर ग्रामीणों के बाहर जाने और बाहरी लाेगों के गांव में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ले रहे उपयुक्तों से नियमित फीडबैक

स्थिति की गंभीरता को़ देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल नियमित रूप से उपायुक्तों से ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं। गांवों में टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही कोरोना से जंग के लिए निश्चित समय में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। सीएम ने किसान नेताओं काे मानवता की रक्षा के लिए धरने खत्म करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होकर महामारी से लड़ने का है। एकजुट प्रयासों से ही महामारी को हराया जा सकेगा।

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