गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित हरियाणा में चलेगा विशेष अभियान, घरों व कालोनियों के ऊपर से गुजरते तार होंगे शिफ्ट

हरियाणा में घरों कालोनियों स्कूलों आदि जगहों पर ऊपर से गुजरते तारों से मुक्ति मिलेगी। 2539 बिजली लाइनें चिन्हित की गई हैं जिन्हें शिफ्ट किया जाएगा। इस पर 100 कराेड़ रुपये की राशि खर्च होगी। बिजली चोरों पर भी नकेल कसेगी।

Kamlesh BhattSat, 24 Jul 2021 04:13 PM (IST)
हरियाणा में लटकती बिजली की तारों से मिलेगी मुक्ति। सांकेतिक फोटो

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित राज्य के अन्य जिलों में घरों, कालोनियों, तालाबों और स्कूलों के ऊपर से गुजरते बिजली के तार शिफ्ट किए जाएंगे। प्रदेश में ऐसी 2539 बिजली लाइनें चिन्हित की गई हैं जो रिहायशी भवनों के ऊपर से गुजर रही हैं। इससे यहां हादसों का खतरा मंडराता रहता है। खतरनाक लाइनों की शिफ्टिंग के लिए करीब सौ करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

पूरे प्रदेश में भवनों के ऊपर से गुजरते तारों को हटाने के लिए विशेष मुहिम छेड़ी गई है। इसके साथ ही बिजली चोरी और टेंपरिंग में शामिल महकमे के कर्मियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। बिजली चोरों के साथ कर्मचारियों का गठजोड़ तोड़ने के लिए गुरुग्राम में बैठक बुलाई गई है जिसमें पूरे प्रदेश के एसडीओ शामिल होंगे।

बिजली मंत्री रंजीत सिंह चौटाला के पास अनेकों शिकायतें पहुंची हैं जिसमें बिजली चोरी व टेपरिंग में निचले कर्मियों की मिलीभगत के आरोप हैं। जांच में अगर किसी बिजली कर्मी की मिलीभगत पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ की बैठक में बिजली चोरी, टेपरिंग, मीटर से छेड़छाड़, खराब व जले हुए मीटरों से लेकर अन्य मुद्दों पर रणनीति तैयार की जाएगी।

वहीं, बिजली चोरों पर लगातार छापेमारी से महकमे का मुनाफा भी बढ़ा है। इस महीने के पहले पखवाड़े में बिजली महकमे की 507 से ज्यादा टीमों ने 30 हजार परिसरों में बिजली कनेक्शन की जांच की थी। इस दौरान बिजली चोरी के 6015 मामले पकड़े गए। इस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में बिजली चोरों ने अपने कनेक्शन जुड़वा लिए हैं। छापेमारी के भय से नए कनेक्शनों को लेकर आवेदनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बिजली महकमे में उपकरणों व वाहनों की कमी को दूर करने के लिए भी अलग से रणनीति बनाई जा रही है।

बिजली मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की हर समस्या का समाधान करने के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। उनके खद के मोबाइल नंबर पर भी शिकायतें आती हैं। रही बात उपकरणों की कमी की तो इसको लेकर शहरों में बड़ी मशीनें खरीदी जा रही हैं। उपमंडल स्तर पर एक मोबाइल ट्रक भी मुहैया कराया जाएगा ताकि कहीं भी समस्या का सामना न करना पड़े।

बरसात से तीन से चार हजार मेगावाट घटी

बिजली की मांगप्रदेश में बारिश के बाद बिजली की मांग में तीन से चार हजार मेगावाट तक की कमी आई है। जुलाई के पहले सप्ताह में जहां दैनिक खपत 12 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई थी, अब यह खपत आठ से दस हजार मेगावाट के बीच में सिमट गई है। धान बेल्क के करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत और झज्जर सहित कई अन्य जिलों में अच्छी खासी बारिश हुई है। इससे खेतों में बिजली की मांग घटी है। 

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