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लॉकडाउन में हरियाणा में घर-घर होगी राशन की डिलीवरी, वालंटियर को मिलेंगे मूवमेंट पास

हरियाणा में वॉलिटर्स पहुंचाएंगे घर-घर राशन। सांकेतिक फोटो

हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान जरूरत का सामान लोगों को घर पर ही मिलेगा। इसके लिए वालंटियर्स का मूवमेंट पास बनाया जा रहा है। सीएम मनोहर लाल ने लोगों से अपील की कि वह घरों में ही रहें।

Kamlesh BhattThu, 06 May 2021 12:46 PM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में चल रहे लॉकडाउन के दौरान आमजन को घर पर ही जरूरत की वस्तुओं की सप्लाई की जाएगी। इसमें खाद्य सामग्री से लेकर तमाम वस्तुएं शामिल होंगी। इसके लिए वालंटियर का पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें मूवमेंट पास दिए जाएंगे। इसकी मदद से वह घर-घर राशन वितरित कर सकेंगे। डिजिटल मोड के जरिये पत्रकारों से रू-ब-रू मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए लोग घरों में ही रहें। संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि दिल्ली के मरीज व्यवस्थाओं को बिगाड़ रहे हैं।

सीएम ने बताया कि गुरुग्राम में 40 फीसद, फरीदाबाद में 20 फीसद और जीटी बेल्ट सोनीपत से लेकर अंबाला तक हर जिले में दस से 20 फीसद मरीज दिल्ली और उत्तर प्रदेश के उपचाराधीन हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ऐसे तमाम मरीजों का इलाज करेगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन सिलेंडर की रीफिलिंग व स्टोरेज की कठिनाई के कारण समस्या आ रही है। बुधवार को उड़ीसा से 100 टन ऑक्सीजन मिली है जिसे निर्धारित कोटे के अनुसार जिलों में सप्लाई किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई प्लांटों के जरिये औद्योगिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदला जा रहा है। ऐसे प्लांटों से 15 टन ऑक्सीजन मिल रही हैं। वहीं, पीएसए तकनीक के तहत चार प्लांट चालू हो गए हैं और 180 प्लांटों के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी गई है। जिला स्तर पर ऑक्सीजन की सप्लाई की समस्या से निपटने के लिए 13 जिलों में 22 रीफिलिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। मरीजों की संख्या के आधार पर जिलों का आपूर्ति कोटा निर्धारित किया गया है। हर अस्पताल का ऑक्सीजन कोटा निर्धारित करने के लिए प्रदेश स्तर पर राज्य निगरानी कमेटी बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की संख्या के आधार पर अस्पतालों का कोटा बढ़ाया जाता है। किसी भी जिले में ऑक्सीजन की किल्लत न हो, इसको लेकर जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने पास दस से 20 सिलेंडरों का इमरजेंसी कोटा रखें, ताकि उसका कभी भी उपयोग किया जा सके। बाक्स बढ़ाए जा रहे बेडकोरोना संक्रमितों की बढ़ती तादाद को देखते हुए प्रदेश सरकार बेडों की संख्या को बढ़ाने की कवायद में जुटी हुई है। पंचकूला, करनाल, नूंह मेडिकल कालेज, एसजीटी गुरुग्राम व फरीदाबाद में 100-100 बेडों की व्यवस्था की जा रही है। इस तरह प्रदेश में 700 बेड बढ़ जाएंगे। पीजीआइ में 800 व मेडिकल कालेजों में एक हजार बेड बढ़ाने की योजना है।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पानीपत व हिसार में 500-500 बेडों के अस्पताल का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसके साथ ही गुरग्राम में सीएसआर के तहत 100 बेड और मेनकाइंड फार्म की ओर से 70 बेड की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेमडेसिविर व टोसिल इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है।

नूंह से वेंटीलेटर शिफ्ट करने पर दी सफाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले उन्होंने नूंह का दौरा किया था। नूंह मेडिकल कालेज में 80 वेंटीलेटर थे, जिनमें से केवल 34 ही चालू हालत में थे। लिहाजा इनकी संख्या को बढ़ाकर 50 कर दिया गया। इसमें से पांच रेवाड़ी और पांच वेंटीलेटर पलवल भेजे गए हैं। इस पर कुछ लोगों ने राजनीति करते हुए विवाद खड़ा किया है। उन्हें कहा कि सेवा भाव यह है कि तुरंत किसी की सहायता की जाए। यह सरकार तय करेगी कि कहां क्या व्यवस्था करनी है। ऐसे लोग सेवा भाव में स्वार्थ न ढूंढें।

सब मिलकर मिलकर लड़ेंगे, तभी हारेगा कोरोना

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आमजन व सियासी दलों का आह्वान किया कि जब सब मिलकर लड़ेंगे, तभी कोरोना को हराया जा सकेगा। कोरोना काल में सबका सेवा भाव होना चाहिए और गरीब व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। कुछ कोरोना को लेकर डर बैठाने का काम कर रहे हैं। कोरोना को लेकर डर नहीं बैठाना है बल्कि पाजिटिव तरीके से उसे हराने के लिए काम करना है।

लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए एसपी-सीपी की जिम्मेदारी तय

लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों की जिम्मेदारी तय की गई है। सभी एसपी और सीपी अपने क्षेत्रों में एक मजबूत तंत्र एक्टिवेट करें ताकि अनावश्यक गतिविधियों पर अंकुश लगाकर कोरोना की चेन तोड़ी जा सके। पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने पुलिस मुख्यालय में बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एसपी और सीपी के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में सिर्फ आवश्यक सामग्री वाले वाहनों और ऐसी गतिविधियों में लगे लोगों, ई-पास धारकों, जरूरतमंदों को ही आवाजाही की अनुमति होगी।

किसी आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाने के इच्छुक लोग सरल हरियाणा वेब पोर्टल से ई-पास प्राप्त करें। वैध ई-पास दिखाने के बाद ही कहीं आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में पुलिस कर्मचारियों विशेष रूप से कोविड संक्रमित कर्मियों की देखभाल की उचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। जिला पुलिस लाइनों में कोविड देखभाल की सुविधा पहले ही शुरू कर दी गई है। बैठक में डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील, एडीजीपी प्रशासन और आइटी एएस चावला, डीआइजी सतेंद्र कुमार गुप्ता, डीआइजी कानून व्यवस्था ओपी नरवाल ने ग्राउंड रिपोर्ट रखते हुए और मुस्तैदी बरतने के निर्देश दिए।

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