दूसरी शादी करने से पहले देनी होगी संपत्ति की जानकारी, बताना होगा पूर्व पत्नी व बच्चों के गुजारे का कैसे होगा इंतजाम

व्यक्ति यदि दूसरी शादी कर रहा है और हाई कोर्ट में सुरक्षा मांग रहा है तो उसे बताना होगा कि पूर्व की पत्नी और बच्चों के गुजारे का इंतजाम कैसे होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के नूंह के एक मामले पर यह टिप्पणी की है।

Kamlesh BhattMon, 22 Nov 2021 08:58 PM (IST)
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की फाइल फोटो।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि शादीशुदा होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरी महिला से शादी करता है तो उसे अपनी पूरी संपत्ति की जानकारी देनी होगी। सुरक्षा मांगने से पहले ऐसा करना बेहद जरूरी होगा। दूसरी महिला के साथ सहमति से संबंध बनाने या शादी करने के मामले में सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए याचिका दाखिल करते हुए अब अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि पूर्व के साथी और बच्चों के गुजारे का उन्होंने क्या इंतजाम किया है।

नूंह जिले के एक जोड़े ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इस जोड़े की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां पूर्व में शादीशुदा लोग सहमति संबंध में सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि हम केवल पोस्ट आफिस का काम नहीं कर सकते, जो सुरक्षा का आदेश सभी मामलों में कापी पेस्ट कर दें। हाई कोर्ट ने कहा कि जब व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर किसी और के साथ रहने के लिए सुरक्षा मांगता है तो न्यायालय पत्नी और बच्चों को भगवान भरोसे नहीं छोड़ सकता।

हाई कोर्ट ने कहा कि न्यायालय उनका संरक्षक है और ऐसे में उनका पालन अच्छा कैसे हो और कैसे बच्चों को अच्छी परवरिश के अभाव में अपराधी बनने से रोका जाए, यह देखना न्यायपालिका का काम है। ऐसे में हाई कोर्ट ने अब एक फरवरी 2022 से यह अनिवार्य किया है कि पूर्व में विवाहित जोड़े को सुरक्षा की याचिका के साथ चल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि सहमति संबंध में रहते हुए कैसे वह व्यक्ति पूर्व की पत्नी और बच्चों का पालन सुनिश्चित करेगा। इस संबंध में रजिस्ट्रा जनरल को आदेश दिया जा रहा है।

हाई कोर्ट जिस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, उसमें पिछली सुनवाई पर संपत्ति की जानकारी मांगी गई थी। हाई कोर्ट को बताया गया कि पुरुष के नाम एक एकड़ भूमि है और खानदानी घर में हिस्सा भी है। हाई कोर्ट ने नूंह के डीसी को आदेश दिया कि वह उसकी भूमि को अटैच करें और इसकी एक चौथाई राशि को पहली पत्नी को दिया जाए। इस राशि से वह अपना और अपने पांच बच्चों का पालन पोषण कर सकेगी।

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