कैबिनेट विस्‍तार के बाद अब टॉप अफसरशाही में बदलाव की तैयारी, चलेगी मंत्रियों की पसंद

चंडीगढ़, जेएनएन। ह‍रियाणा में कैबिनेट के विस्‍तार के बाद अब टॉप नौकरशाही में फेरबदल की बारी है। नई सरकार के पदभार संभालने के बाद अब शीर्ष स्तर के आइएएस और आइपीएस अफसरों के तबादलों की तैयारी की जा रही है। हरियाणा में 23 साल बाद मुख्‍यमंत्री से अलग गृह मंत्री की नियुक्ति के बाद नए गृह सचिव के नाम पर भी मंथन शुरू हो गया है। इसके साथ ही विभिन्न महकमों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और निदेशक भी नए मंत्रियों की पसंद के मुताबिक लगाए जाने की संभावना है। कई जिलों में डीसी-एसपी और एसडीएम की नियुक्तियां भी नए सिरे से होंगी।

एसीएस और प्रधान सचिवों की नियुक्तियों में चलेगी मंत्रियों की पसंद

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद उनसे अपनी पसंद के अफसरों के नाम मांगें हैं ताकि वे खुलकर खेल सकें। बताया जाता है कि गृह मंत्री अनिल विज सहित कुछ मंत्रियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव के लिए पसंदीदा अधिकारियों के नाम सीएम को सुझाए हैं। अधिकतर नए मंत्रियों ने अभी कुछ समय मांगा है।

विभागों के बंटवारे के बाद मंत्रियों से मुख्यमंत्री ने मांगे पसंद के अफसरों के नाम

बताया जाता है कि शीर्ष स्तर के कुछ आइएएस मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में एंट्री के लिए दौड़-धूप में लगे हैं। इनमें वह अफसर भी शामिल हैं जो मुख्यमंत्री की पसंद के बावजूद पिछली सरकार में सीएमओ में दाखिल नहीं हो पाए थे। जिला स्तर पर आइएएस और आइपीएस की पोस्टिंग में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की पसंद का खास ख्याल रखा जाएगा।

चुनावी आचार संहिता के चलते जिन अधिकारियों को अपना गृह जिला या पसंदीदा स्टेशन छोडऩा पड़ा था, वह अब फिर से पुरानी जगह पर लौटने के लिए भाजपा-जजपा के कद्दावर नेताओं और मंत्रियों के संपर्क में हैं। खासकर चौटाला परिवार से लगाव रखने वाले प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को जजपा अहम पदों पर नियुक्त कराएगी।

गृह सचिव और वित्तायुक्त भी होंगे नए

सरकार में सबसे अहम माने जाने वाले गृह सचिव और वित्तायुक्त के पदों पर नई नियुक्तियां होनी हैं। गृह विभाग अनिल विज के पास है, जबकि वित्त विभाग को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पास रखा है। मौजूदा समय में गृह सचिव और वित्तायुक्त की जिम्मेदारी नवराज संधू संभाल रही हैं जो 30 नवंबर को रिटायर हो जाएंगी। अमूमन दोनों पदों पर अलग-अलग आइएएस नियुक्त किए जाते रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो की एक्सटेंशन भी 30 नवंबर को खत्म हो रही है। हालांकि उन्हें फिर से सेवा विस्तार की पूरी संभावना है।

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बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी के लिए लॉबिंग

बोर्ड-निगमों में चेयरमैन पद पर नियुक्तियों के लिए भाजपा और जजपा के नेताओं ने लॉबिंग शुरू कर दी है। खासकर मंत्री बनने से चूके विधायकों को इन पदों पर एडजस्ट किया जाएगा। खासकर सियासी समीकरणों के चलते पहले निर्दलीय विधायकों को चेयरमैनी दी जाएगी ताकि सरकार में उनकी भागीदारी सुनिनिश्‍चत की जा सके।

 

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