हरियाणा के सीएम मनोहर लाल के फील्ड में उतरने के बाद अफसर बढ़ाएंगे सक्रियता

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की फाइल फोटो।

हरियाणा के सीएम मनोहर कोरोना से निपटने के लिए फील्ड में पूरी तरह से सक्रिय हैं। उन्होंने अफसरों को भी नियुक्त किया है लेकिन वे ढीले पड़े थे। अब अफसरों पर भी फील्ड में सक्रियता का दबाव बढ़ेगा।

Kamlesh BhattTue, 04 May 2021 06:56 PM (IST)

जेएनएन, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमितों के इलाज का फीडबैक लेने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तीन दिन में 17 जिलों में सक्रियता का असर अब जिलों से लेकर राज्य मुख्यालय चंडीगढ़ में बैठे अधिकारियों पर भी पड़ा है। राज्य सरकार ने सभी 22 जिलों में कोरोना संक्रमण के इलाज की व्यवस्था पर निगरानी के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की हुई थी।

नियुक्ति के बावजूद ये अफसर अभी तक सिर्फ एक या दो बार ही अपने जिलों में प्रशासनिक तंत्र में चुस्ती भरने के लिए गए, जबकि मुख्यमंत्री की तरफ से स्पष्ट आदेश था कि कम से कम तीन से चार दिन वे अपने आवंटित जिलों में पहुंचे, ताकि वहां की समस्याओं का निदान तत्काल प्रभाव से हो सके। बावजूद इसके कुछ अधिकारियों ने सिर्फ वर्चुअल बैठक ही लीं। गुरुग्राम व फरीदाबाद में संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता व संजीव कौशल ने सिर्फ एक बार दौरा किया था। इसमें भी गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला ने मुख्यमंत्री से यह शिकायत की थी कि गुप्ता चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलकर नहीं गए।

सीएम के फीडबैक के बाद जिला स्तर पर दिए जा रहे हैं ये सुझाव

मरीज के लक्षणों के आधार पर माइक्रो लेवल पर टेस्टिंग हो टेस्टिंग के बाद 24 घंटे में रिपोर्ट दिलाने की व्यवस्था हो किसी भी समय सूचना लेने के लिए काल सेँटर को मजबूत किया जाए घरों में आइसोलेटेड मरीजों को टेलीफोन पर मेडिकल सलाह दी जाए स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक व्यक्ति तक इम्यूनिटी बूस्टर अवश्य पहुंचाने का काम करे प्रशासनिक अधिकारी आक्सीजन आपूर्ति पर निगरानी रखें दवाओं की कालाबाजारी में पकड़े लोगों से पूछताछ में जड़ तक पहुंचने का प्रयास हो निजी अस्पतालों के बाहर इलाज की रेट लिस्ट लगी होनी चाहिए कोरोना मैनेजमेंट के लिए एकीकृत एप भी लांच की जाए।

फील्ड में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों की होगी पहचान

गृहमंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा है कि फील्ड में जो अधिकारी इस कोरोना की महामारी के दौरान अच्छा काम करेंगे, उनकी सरकार अलग से पहचान रखेगी। वैसे तो अच्छा काम करने वाले अधिकारियों की हर सरकार को जरूरत होती है, मगर भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार में ऐसे अधिकारियों को प्राथमिकता मिलेगी। ज्यादा काम करने के अवसर मिलेंगे। 

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