गुरुग्राम व फरीदाबाद सहित हरियाणा में अब 7 दिन में ठीक होंगे गलत बिजली बिल, देरी पर अफसर पर होगा Action

हरियाणा में गलत बिजली बिल की समस्‍या से उपभोक्‍ताओं को राहत देने के लिए राज्‍य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्‍य में उपभोक्‍ताओं के गलत बिजली बिल सात दिनों के अंदर ठीक होंगे। ऐसा न हाेने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

Sunil Kumar JhaSat, 31 Jul 2021 07:17 PM (IST)
हरियाणा में उपभोक्‍ताओं के गलत बिजली बिल सात दिनों के अंदर ठीक किए जाएंगे। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़, राज्‍य ब्‍यूरो। Wrong Electricity Bill: हरियाणा में अब गलत बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्‍ताओं को अब बड़ी राहत मिलेगी। राज्‍य में अब गलत बिजली बिलों को सात दिनों में ठीक किया जाएगा। यदि इसमें कोताही हुई तो संबंधित क्षेत्र के बिजली अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सोनीपत, पानीपत, झज्जर व रोहतक के ग्रामीण व अंबाला- कैथल के शहरी क्षेत्रों में दो फीसद मीटर खराब

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने उपभोक्ताओं को बगैर रीडिंग लिए भारी-भरकम बिल थमाने, खराब मीटरों को बदलने में ढिलाई और शिकायतों के समाधान में देरी पर बिजली वितरण निगमों को फटकार लगाई है। सोनीपत, पानीपत, झज्जर, रोहतक के ग्रामीण क्षेत्रों तथा अंबाला और कैथल के शहरी क्षेत्रों में दो फीसद से अधिक मीटर खराब हैं। एचईआरसी ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को 30 सितंबर तक शहरों और 31 अक्टूबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में इन मीटरों को ठीक करने का निर्देश दिया है। सात दिन के भीतर सभी गलत बिल भी ठीक करने होंगे।

बगैर रीडिंग भारी बिल, खराब मीटर बदलने में ढिलाई व शिकायतों के हल में देरी पर एचईआरसी का संज्ञान

एचईआरसी के चेयरमैन आरके पचनंदा व सदस्य नरेश सरदाना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बिंदुवार सुनवाई की। उन्‍होंने इस संबंध में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) से जवाब-तलबी की। यूएचबीवीएन की ओर से आयोग में रखी गई रिपोर्ट में पाया गया कि बिल संबंधित शिकायतों में सुधार करने में 11 दिन लगते हैं, जबकि नियमानुसार सात दिन के भीतर शिकायतों का निपटरा होना अनिवार्य है।

अकेले पंचकूला जिले में ही गलत बिजली बिलों के कारण उपभोक्ताओं पर 77 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। गुरुग्राम में अधिक बिजली बिल वसूली के आठ हजार मामले हैं। बिलिंग मामले में अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

कोरोना के दौरान अप्रैल व मई में जारी बिलों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए आयोग ने सात दिन में जवाब मांगा है कि इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और उस पर कितना जुर्माना किया गया है। इस अवधि में 13.75 फीसद बिल अस्थायी तौर पर जारी किए गए, जबकि नियमों के अनुसार सिर्फ 0.1 फीसद बिल ही अस्थायी तौर पर दिए जा सकते हैं।

आयोग ने कहा कि पीक सीजन में बिजली गुल होने की स्थिति में उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए डिस्काम के अधिकारी मुख्यालय पर मौजूद रहें। दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अगली सुनवाई पर प्रस्तुत की जाए।

पंचकूला में एचएसवीपी प्रशासक व निगमायुक्त की जवाबदेही तय

पंचकूला में कई जगह ढीले तारों व अव्यवस्थित खंभों पर भी एचईआरसी ने संज्ञान लिया है। पंचकूला के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक व नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे तारों व खंभों  के आसपास उगी जंगली घास की सफाई कराएं। उन्हें अगले 15 दिनों में इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट देनी होगी।

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