हरियाणा में अब होगा बेरोजगारी पर वार, हर किसी को मिलेगा रोजगार, मनोहर सरकार ने बनाया रोडमैप

Haryana Employment News हरियाणा में बेराेजगारी का मुद्दा अहम रहा है। ऐसे में अब राज्‍य की मनोहरलाल सरकार ने इस पर फोकस किया है। राज्‍य सरकार अब हर किसी को रोजगार देने के लिए सक्रिय होगी। इसके लिए रोडमैप बनाया गया है।

Sunil Kumar JhaWed, 20 Oct 2021 08:56 AM (IST)
हरियाणा में अब बेराेजगारी खत्‍म करने पर फोकस होगा। (फाइल फोटो)

चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। Haryana Employment: हरियाणा में बेराेजगारी बड़ा मुद्दा रहा है और विपक्ष इसको उठाता रहा है। इस पर राज्‍य में सियासी बयानबाजी भी जमकर हुई। ऐसे में अब राज्‍य में बेरोजगारी पर वार कर हर व्‍यक्ति को रोजगार देने पर फोकस‍ किया गया है। हरियाणा में सात साल के दौरान 85 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी प्रदेश सरकार का फोकस 2025 तक हर बेरोजगार युवक को रोजगार देने का है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है।

प्रदेश सरकार इस साल के अंत तक करीब दो लाख युवाओं को रोजगार देगी। बाकी सालों में सरकारी नौकरियों के साथ-साथ बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार दिए जाएंगे। परिवार पहचान पत्रों में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रदेश सरकार ऐसे तमाम युवाओं को चिन्हित करने के काम में जुट गई है, जिनके पास कोई रोजगार नहीं है।

प्रदेश सरकार ने तैयार किया 2025 तक बेरोजगारी खत्म करने का एजेंडा

बेरोजगारी दूर करने के पहले चरण में हर परिवार के एक व्यक्ति को रोजगार दिया जाएगा। दूसरा चरण हर बेरोजगार युवक को रोजगार देने का होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का मानना है कि हर किसी को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती। इसलिए छोटी जोत वाले किसानों को आय बढ़ाने तथा उनके परिवार के बेरोजगार सदस्यों को रोजगार देने के लिए मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और पशुपालन से जोड़ा जाएगा। पशुओं खासकर गाय, भैंस और बकरियों की डेरी खोलने के लिए सरकार इन युवाओं को ऋण तक मुहैया कराएगी।

सबको सरकारी नौकरी संभव नहीं, इसलिए स्वरोजगार पर आगे बढ़ रही सरकार

प्रदेश सरकार हर जिले में अधिक से अधिक हरहित स्टोर खोलने की तरफ भी आगे बढ़ रही है। पूरे प्रदेश में करीब पांच हजार हरहित स्टोर खोलने की योजना है। तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 71 हरहित स्टोर की शुरुआत की है। हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन के चेयरमैन राकेश दौलताबाद ने आत्मनिर्भर भारत की जगह आत्मनिर्भर हरियाणा का यह कांसेप्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कृषि मंत्री जेपी दलाल के सामने रखा, जिसे तुरंत मंजूरी मिल गई। अब शहरों में 10 हजार की आबादी पर एक और गांवों में तीन हजार की आबादी पर एक-एक हरहित स्टोर खुलेगा। इनमें एक ही छत के नीचे 60 से अधिक कंपनियों के 550 से अधिक प्रोडेक्ट बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल के अनुसार, एक हरहित स्टोर से चार से दस लोगों तक को रोजगार मिलने की संभावना है। पांच हजार हरहित स्टोर खुलने के बाद इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश सरकार गांवों व शहरों में वीटा के बूथ, हैफेड के स्टोर, खादी भंडार और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले स्पेशल आउटलेट खोलने को लेकर गंभीर है। इन बूथ, स्टोर और भंडार पर लोगों की जरूरत का सामान उपलब्ध होगा। हरहित स्टोर पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले प्रोडेक्ट बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इससे गांवों व शहरों में महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र बनाने की अति महत्वाकांक्षी योजना पर आगे बढ़ रही है। अभी तक करीब 60 लाख परिवार पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। आरंभ में दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों में बेरोजगार लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके बाद बाकी बेरोजगारों का नंबर आएगा। प्रदेश सरकार की योजना 2025 तक प्रदेश से बेरोजगारी पूरी तरह खत्म करने की है। बेरोजगारी के आंकड़ों पर राज्य में खासा बवाल मचता है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला कई बार राज्य में बेरोजगारी बढ़ने के दावे कर चुके हैं। उनकी मानें तो बेरोजगारी का आंकड़ा 26 प्रतिशत तक है, जबकि मुख्यमंत्री छह से सात प्रतिशत बेरोजगारी मानकर उनके दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हर परिवार को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य के हर ब्लाक में ऐसे उत्पादों को चिन्हित किया है, जो वहां के क्षेत्र की पहचान बन सकते हैं। ऐसे तमाम उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित कर उचित बाजार उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्पादों को बाजार मिलेगा।

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बीपीएल के मानक बदले, हर किसी को रोजगार : सीएम

'' हमने हाल ही में 71 हरहित स्टोर चालू किए हैं। एमएसएमई, लघु औद्योगिक इकाइयों तथा सहकारी क्षेत्र की इकाइयों के अलावा महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा तैयार गुणवत्ता के उत्पाद यहां पर बाजार से कम भाव पर मिलेंगे। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से हर परिवार का लेखा जोखा तैयार किया गया है। उसी आधार पर परिवारों को चिन्ह्ति करके उनके लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। हमने बीपीएल परिवारों के मानक बदले हैं। अब जिस परिवार की सभी स्त्रोतो से वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, वे बीपीएल के दायरे में आएंगे। हम हर परिवार के प्रत्येक बेरोजगार युवक को रोजगार देने की दिशा में योजनाओं पर आगे बढ़ रहे हैं।

                                                                                                  - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

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