हरियाणा विधानसभा का माॅनसून सत्र शुरू, होगी मुद्दों की होगी बरसात

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का माॅनसून सत्र आज शुरू हो गया। पहले दिन सदन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित पिछले दिनों दिवंगत हुए कई नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्‍थगित कर दी गई। अब सदन की कार्यवाही सोमवार को शुरू होगी। माॅनसून सत्र में काफी हंगामा होने की संभावना है। सत्र के दौरान भूमि घोटाले, सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल), फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए विधेयक सहित अन्य कई मुद्दों पर गर्मागर्मी तय है। सरकार की नीतियों पर हमलावर कांग्रेस और इनेलो ने अपने विधायकों के साथ पूरी रणनीति तैयारी कर ली है। विपक्षी हमलों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मा सौंपा है।

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र आज से, बिजनेस सलाहकार कमेटी की बैठक में तय होगी सत्र की अवधि

मुख्य विपक्षी दल इनेलो का साथ मिला तो कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है। बता दें कि पहले हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त से शुरू होना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

इस बार सत्र की कार्यवाही 12 सितंबर तक चलने की उम्मीद है। हालांकि सत्र शुरू होने से पहले बिजनेस सलाहकार कमेटी की संयुक्त बैठक होगी जिसमें सत्र की अवधि तय की जाएगी। सत्र के पहले दिन शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जींद से इनेलो विधायक हरी चंद मिड्ढा और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।

8 व 9 सितंबर को अवकाश रहेगा। 10 सितंबर को दोपहर बाद सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें विधायकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित मुद्दे उठाए जाएंगे। सदन में रखे जाने वाले कई ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। 11 सितंबर को सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजे से दोपहर बाद तक चलेगी। इसी दिन सदन में कई महत्वपूर्ण बिल भी पास किए जाएंगे। 12 सितंबर को सदन में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, विपक्ष के नेता अभय चौटाला व अन्य विधायकों द्वारा रखे गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा होगी और सरकार उन पर अपना पक्ष रखेगी।

सरकार की घेराबंदी को विपक्ष ने बनाई रणनीति

विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कानून-व्यवस्था, भावांतर भरपाई योजना, 2022 तक प्रदेश को टीबी व मलेरिया मुक्त बनाने, विधायक आदर्श ग्राम योजना, एएनएम व जीएनएम की छात्राओं की परीक्षाएं न होने, पेयजल समस्या, अवैध खनन, लावारिस गायों, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति के मुद्दे पर पूरी रणनीति बना रखी है।

पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ एफआइआर पर घमासान तय

मानसून सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ गुरुग्राम में दर्ज एफआइआर के मामले में हंगामा हो सकता है। मानेसर जमीन घोटाले में हाल ही में हुड्डा व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा राबर्ट वाड्रा पर मामला दर्ज हुआ है। इनेलो इस मुद्दे को आगे रखकर हुड्डा व सरकार की घेराबंदी का पूरा प्रयास करेगा। वहीं अगर कांग्रेस ने सरकार को घेरने का प्रयास किया तो मंत्री और भाजपा विधायक इसी मुद्दे को आगे रखकर पलटवार करेंगे।

विधानसभा में गूंजेगा सरकारी स्कूल की छात्राओं का यौन शोषण मामला भी

सोनीपत जिले के खरखौदा स्थित एक सरकारी विद्यालय में छात्राओं को कार्यकारी प्रिंसिपल द्वारा यौनाचार के लिए होटलों और गेस्ट हाउसों में भेजने का मुद्दा विधानसभा में भी गूंजेगा। मुख्य विपक्षी दल इनेलो ने विधानसभा में छात्राओं के यौन शोषण पर काम रोको प्रस्ताव लगाया है। आठ ज्वलंत मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव ला रहे मुख्य विपक्षी दल ने विधानसभा स्टाफ को छह ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी सौंपे हैं।

विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने सरकारी स्कूल में यौन शोषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल नहर निर्माण नहीं कराने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने और जीएसटी व ई-ट्रेडिंग जैसे कानून को व्यापारियों पर थोपने के विरोध में 8 सितंबर को पूरा हरियाणा बंद किया जाएगा। दादुपूर-नलवी नहर डि-नोटिफिकेशन पर भी सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे।

गुरुग्राम जमीन घोटाले पर अभय चौटाला ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर एफआइआर दर्ज कराने की बजाय सरकार मामले की सीबीआइ जांच कराए। जिस एफआइआर पर कार्रवाई का नाटक किया जा रहा है उसका आधार इनेलो की वह चार्जशीट है जो उन्होंने राज्यपाल को चार साल पहले सौंपी थी।


इन मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव लाएगा इनेलो

1. सोनीपत के विद्यालय की छात्राओं से यौनाचार।
2. 8 सितंबर के हरियाणा बंद के दौरान सरकार की नाकामियों पर पूरे प्रदेश से मिले फीडबैक पर चर्चा। 
3. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) का निर्माण शुरू नहीं होने का मुद्दा।
4. दादूपुर नलवी नहर की जमीन को डि-नोटिफाई करने का फैसला वापस लेते हुए नहर को पूरा कराने की मांग।
5. व्यापारियों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) और नोटबंदी की मार।
6. ई-ट्रेडिंग और इंस्पेक्टरी राज से व्यापारियों का शोषण।
7. फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भाजपा की पांच रैलियों पर सवाल।
8. बिगड़ी कानून व्यवस्था और नशे का बढ़ता कारोबार।

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इन छह मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

1. बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा लगाते हुए दमनात्मक कार्रवाई।
2. बदतर होती स्वास्थ्य सेवाएं।
3. नदी और पहाड़ों में अवैध खनन।
4. आवारा पशु और गोशालाओं में गोवंश की मौत।
5. स्कूलों में खराब होता शैक्षणिक माहौल।
6. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान।

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