पति का वेतन बढ़ता है तो पत्नी भी गुजारा भत्ता बढ़वाने की हकदार, पंचकूला के एक मामले पर हाई कोर्ट की टिप्पणी

पति की सैलरी बढ़ती है तो पत्नी भी गुजारा भत्ता बढ़वाने की हकदार। सांकेतिक फोटो

पति द्वारा फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि पति का वेतन बढ़ता है तो पत्नी भी गुजारा भत्ता बढ़वाने की हकदार है।

Kamlesh BhattTue, 09 Feb 2021 11:05 AM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ कर दिया कि वैवाहिक विवाद के बाद की स्थिति में अगर पति का वेतन बढ़ता है तो पत्नी भी गुजारा भत्ता बढ़वाने की हकदार है। हाई कोर्ट के जस्टिस एचएस मदान ने यह आदेश एक पति द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए दिया।

इस मामले में पंचकूला निवासी वरुण जगोटा ने पंचकूला फैमिली कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पंचकूला फैमिली कोर्ट ने पति का वेतन बढ़ने के बाद पत्नी का अंतरिम गुजारा भत्ता 20 हजार रुपये से 28 हजार रुपये कर दिया था। हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि पति का वेतन बढ़ा है तो पत्नी भी बढ़े हुए अंतरिम गुजारे भत्ते की हकदार है। इसी के साथ हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पांच लाख कर्मियों व पेंशनर्स के 20 लाख आश्रितों को कैशलेस मेडिकल सुविधा

याची पति ने कोर्ट में बताया कि फैमिली कोर्ट ने 5 मार्च 2020 को उसके मामले में आदेश दिया था कि याची का वेतन 95 हजार रुपये से बढ़कर 1 लाख 14 हजार रुपये मासिक हो गया है। सभी कटौतियों के बाद उसे 92 हजार 175 रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं और ऐसे में 28 हजार रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश कैसे दिया जा सकता है। हाई कोर्ट ने याची की दलीलेंं खारिज करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ऐसे मामले में तब हस्तक्षेप कर सकता है, जब आदेश कानून के खिलाफ या पक्षपात वाला हो।

यह भी पढ़ें: मां की बीमारी से बीच में छूटी पढ़ाई, अब मछली पालन से सालाना 45 लाख कमा रहे बठिंडा के राजवीर

हाई कोर्ट के अनुसार इस मामले में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता है। एक ओर जहां पति के वेतन में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर पत्नी के घर के किराये में भी 1500 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में फैमिली कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी तथ्यों पर गौर किया है। इसलिए यह याचिका आधारहीन है।

यह भी पढ़ें: मुस्लिम व्यक्ति बिना तलाक कर सकता है दूसरी शादी, महिला को अधिकार नहीं, नूंह के एक मामले पर हाई कोर्ट ने दिया पर्सनल ला का हवाला

यह भी पढ़ें: देह व्यापार : दलाल की चालाकी से फेल हो जाती थी दसूहा में रेड, इस बार पुलिस निकली मास्टरमाइंड

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.