हरियाणा में खेल एवं स्कूल विशेष सहायकों की भर्ती प्रक्रिया पर हाई कोर्ट की रोक, सरकार को नोटिस

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की फाइल फोटो।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में खेल एवं स्कूल विशेष सहायकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह रोक कुरुक्षेत्र निवासी याचिकाकर्ता की याचिका पर लगाई गई है। हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।

Kamlesh BhattTue, 09 Feb 2021 03:47 PM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा स्कूलों में की जाने वाली खेल और स्कूल विशेष सहायकों की भर्ती प्रकिया पर रोक लगा दी है। इसी के साथ हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव व मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में कुरूक्षेत्र निवासी कमल कुमार व अन्य ने इस भर्ती को रद करने की मांग की थी।

याची पक्ष के वकील विवेक खत्री ने मामले में बहस के दौरान बेंच को बताया कि 1983 पीटीआई का चयन कोर्ट द्वारा रद करने के बाद बर्खास्त पीटीआइ ने राज्य सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध शुरू किया था। हालांकि राज्य सरकार ने नए सिरे से परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन सभी बर्खास्त पीटीआइ को नहीं चुना गया था। बर्खास्त किए गए पीटीआइ के विरोध से बचने के लिए राज्य सरकार ने इन टीचरों को नौकरी देने का वादा कर दिया। इसके लिए 25 जनवरी से एक वेबपोर्टल पर 1 फरवरी तक आवेदन मांगे गए।

यह भी पढ़ें: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पांच लाख कर्मियों व पेंशनर्स के 20 लाख आश्रितों को कैशलेस मेडिकल सुविधा

आवेदन में शर्त ऐसी रखी गई कि केवल हटाए गए पीटीआइ का चयन हो। खत्री ने बेंंच को बताया कि चयन के लिए अधिकतम आयु 57 साल व कम से कम दस साल का पीटीआइ का अनुभव रखा गया। स्कूलों में नए पीटीआइ टीचर के आने के बाद इनके लिए कोई काम भी नहीं था, केवल स्कूलों में फिजिकल दूरी बनाए रखना इनका काम है और सरकार द्वारा इनको 24,000 रुपये प्रति महीने का वेतन तय किया गया।

यह भी पढ़ें: मां की बीमारी से बीच में छूटी पढ़ाई, अब मछली पालन से सालाना 45 लाख कमा रहे बठिंडा के राजवीर

याची पक्ष की दलील सुनने के बाद जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने कहा कि स्कूलों में फिजिकल दूरी बनाए रखने जैसा काम तो पीटीआइ कर सकते है फिर सरकार जनता के पैसे का दुरूपयोग कर यह भर्ती क्यों कर रही है। बेंच ने सरकार द्वारा स्कूलों में खेल और स्कूल विशेष सहायकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया। बहस में सरकारी वकील ने रोक न लगाने का कोर्ट से आग्रह किया, लेकिन कोर्ट ने सरकारी वकील की मांग को अस्वीकार कर दिया।

यह भी पढ़ें: मुस्लिम व्यक्ति बिना तलाक कर सकता है दूसरी शादी, महिला को अधिकार नहीं, नूंह के एक मामले पर हाई कोर्ट ने दिया पर्सनल ला का हवाला

यह भी पढ़ें: देह व्यापार : दलाल की चालाकी से फेल हो जाती थी दसूहा में रेड, इस बार पुलिस निकली मास्टरमाइंड

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.