हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज की आंदोलनकारियों को चेतावनी, दूसरों की आजादी को न करें बाधित

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि किसान संगठनों को दूसरे की आजादी बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है। कहा कि सरकार मर्यादा में रहकर आंदोलन करने को कह रही है लेकिन वह मर्यादा लांघ रहे हैं।

Kamlesh BhattFri, 30 Jul 2021 04:03 PM (IST)
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार किसान संगठनों के आंदोलनकारियों के विरुद्ध भले ही कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही, लेकिन उन्हें सही राह पर आने का बार-बार मौका दे रही है। आंदोलनकारी भी सरकार के इस लचीलेपन का लगातार फायदा उठाने में लगे हैं। कभी वह भाजपा नेताओं का घेराव करते हैं तो कभी जजपा नेताओं के घर के आगे डेरा डाल देते हैं। बार-बार की चेतावनी के बावजूद इन आंदोलनकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि किसान संगठनों का आंदोलन अपनी जगह है, लेकिन इस आंदोलन की वजह से दूसरे लोगों की आजादी को बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है। विज ने कहा कि सरकार इन आंदोलनकारियों को अपनी सीमा और मर्यादा में रहकर आंदोलन करने का आह्वान कर रही है, लेकिन वह लगातार अपनी सीमा पार कर रहे हैं। यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान में हर किसी को आने-जाने का अधिकार है। ऐसे में यदि जींद की सर्वखाप पंचायत यदि भाजपा या जजपा नेताओं के आने जाने पर रोक लगाने का फैसला लेती है तो यह पूरी तरह से गलत है।

अनिल विज ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से जुड़े सवाल पर कहा कि इससे निपटने की हमारी तैयारी पूरी है। हमने पहली व दूसरी लहर से काफी कुछ सीखा है। दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी रही। इसे देखते हुए 40 प्लांट प्रधानमंत्री ने दिए हैं और 139 प्लांट हम अपने खर्च से लगाने जा रहे हैं, जिसके लिए टेंडर लगा दिया गया है। हमारे सभी सरकारी अस्पतालों में पीएसए प्लांट लग जाएंगे और प्राइवेट अस्पतालों को भी यही आदेश दिए गए हैं। हमें उम्मीद है कि आक्सीजन के मामले में हरियाणा आत्मनिर्भर बनेगा। हरियाणा में निजी अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने के लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की सक्रियता और उनके द्वारा तीसरा मोर्चा बनाने के ऐलान पर अनिल विज ने कहा कि हर आदमी को अपने तरीक़े से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अधिकार है। इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है। बता दें कि एक समय अनिल विज पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की आंख के तारे थे। अनिल विज जब अंबाला छावनी से विधानसभा चुनाव लड़ते थे, तब चौटाला उनके सामने अपनी पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं उतारते थे। बाद में राजनीतिक हालात बदलते चले गए। ऐसे हालात भी आए, जब विज और अभय चौटाला विधानसभा में टकराए तथा विधानसभा से बाहर विज और दुष्यंत चौटाला के बीच कई बार विभिन्न मुद्दों पर टकराव हुआ। आज विज और दुष्यंत दोनों सरकार में साझीदार दलों के नेता हैं।

वेतन नहीं देने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध एफआइआर संभव

स्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार की मार्फ़त काम रहे कर्मचारियों को तनख्वाह न मिलने से जुड़े सवाल पर अनिल विज ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस मामले में जांच करने और तनख्वाह न देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। विज ने कहा कि जरूरत पड़ेगी तो ऐसे लोगों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी।

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