Haryana Private Job Reservation: अब हरियाणवी युवाओं को निजी क्षेत्र में मिलेगा 75% आरक्षण, राज्यपाल ने भी दी मंजूरी

Haryana Private Job Reservation हरियाणा में निजी सेक्टर में हरियाणवियों के लिए 75 फीसद आरक्षण देने के सरकार के फैसले को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। 50 हजार मासिक सैलरी तक की नौकरियों पर यह कानून लागू होगा।

By Kamlesh BhattEdited By: Publish:Tue, 02 Mar 2021 05:20 PM (IST) Updated:Wed, 03 Mar 2021 09:25 AM (IST)
Haryana Private Job Reservation: अब हरियाणवी युवाओं को निजी क्षेत्र में मिलेगा 75% आरक्षण, राज्यपाल ने भी दी मंजूरी
राज्यपाल ने हरियाणवियों के लिए निजी सेक्टर में आरक्षण को मंजूरी दे दी है।

जेएनएन, चंडीगढ़। Haryana Private Job Reservation: हरियाणा में निजी सेक्टर में राज्य के युवाओं को 75 फीसद आरक्षण देने को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। इससे पहले हरियाणा विधानसभा में हरियाणवियों को निजी सेक्टर में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल पेश किया गया था। 50 हजार मासिक सैलरी तक की नौकरियों पर यह कानून लागू होगा। बिल के अनुसार आरक्षण कानून नहीं मानने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान होगा। कानून निजी कंपनियों, फर्म, ट्रस्ट आदि में लागू होगा।

निजी सेक्टर में आरक्षण संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु राज्य में चल रही उन कंपनियों, सोसायटी, ट्रस्ट, फर्म पर लागू होगा जिनमें 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं। हरियाणा के डोमिसाइल धारक लोगों को इसका फायदा मिलेगा। 50 हजार रुपये मासिक सैलरी तक की नौकरियों पर ही यह कानून लागू होगा। सभी कंपनियों को 3 महीने में सरकार के पोर्टल पर रजिस्टर कर बताना होगा कि उनके यहां 50 हजार तक की तनख्वाह वाले कितने पद हैं और इन पर हरियाणा से कितने लोग काम कर रहे हैं। यह डाटा अपलोड करने तक कंपनियां नए लोगों को नौकरी पर नहीं रख सकती। कंपनी मालिक चाहे तो एक जिले से 10 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी रखने पर रोक लगा सकते हैं। किसी पद के लिए स्किल्ड कर्मचारी न मिलने पर आरक्षण कानून में छूट दी जा सकती है। इस बारे में निर्णय जिला उपायुक्त या उससे उच्च स्तर के अधिकारी लेंगे। हर कंपनी को हर तीन महीने में इस कानून को लागू करने की स्टेटस रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। एसडीएम या इससे उच्च स्तर के अधिकारी कानून लागू किए जाने की जांच के लिए डाटा ले सकेंगे और कंपनी परिसर में भी जा सकेंगे। कानून का पालन न करने वाली कंपनियों पर इस बिल के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। यह कानून अगले 10 साल तक लागू रहेगा।

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