हरियाणा के छोटे उद्यमियों की बल्‍ले-बल्‍ले, राज्‍य के 140 प्रोडेक्ट को दुनिया भर के बाजरों में पहुंचाएगी सरकार

One District One Product Scheme हरियाणा के छोटे और लघु उद्यामियों की बल्‍ले-बल्‍ले हाेनेवाली है। उनके उत्‍पाद अब विश्‍वभर के बजार में पहुंचेंगे। हरियाणा सरकार एक जिला एक उत्‍पाद योजना के तहत राज्‍य के 140 उत्‍पादों को विश्‍वभर के बाजारों में भेजेगी।

Sunil Kumar JhaMon, 30 Aug 2021 08:18 AM (IST)
हरियाणा के छोटे उद्योगों के उत्‍पाद अब विश्‍वभर में पहुंचेंगे। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा के उद्योग खासकर लघु एवं सूक्ष्‍म उद्यमियों की बल्ले-बल्‍ले होेनेवाली है। राज्‍य सरकार ने हरियाणा के उत्‍पादों की विश्‍वभर के बाजारों में मार्केटिंग करने का फैसला किया है। मनोहरलाल सरकार हरियाणा के करीब 150 उत्‍पादों को विश्‍वभर के बाजारों में भेजेगी।

हरियाणा पूरे देश की 67 फीसद कारें बनाता है। 60 फीसद मोटरसाइकिल और 50 फीसद ट्रैक्टर भी हरियाणा में बनते हैं। घर-घर में इस्तेमाल होने वाले 50 फीसद रेफ्रिजरेटर हरियाणा में हुए निर्माण की देन हैं। बासमती चावल के कुल राष्ट्रीय निर्यात का 60 प्रतिशत अकेले हरियाणा से जाता है। नरवाना-हांसी और रतियां की कढ़ाईदार जूतियां पूरे देश में बिकती हैं। सिरसा जिले का किन्नू, हांसी का पेड़ा और हिसार का इस्पात पूरी दुनिया में मशहूर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट योजना का हरियाणा में विस्तार

हरियाणा सरकार ने अपने राज्य के इन तमाम उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न केवल पहचान दिलाने की योजना तैयार की है, बल्कि इनकी बिक्री के लिए बाजार भी उपलब्ध कराने का खाका खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट (One District One Product scheme) नाम से एक महत्वांकाक्षी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) श्रेणी के उद्यमों के बिजनेस को हर स्तर पर बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। हरियाणा सरकार ने दो कदम आगे बढ़ते हुए वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट के स्थान पर वन ब्लाक-वन प्रोडेक्ट योजना बनाई है।

हरियाणा के हर ब्लाक में लागू होगी वन ब्लाक-वन प्रोडेक्ट योजना, इस पर चल रहा काम

हरियाणा को उसकी बेहतरीन हस्तकला और हथकरघा कार्निवाल के लिए भी जाना जाता है। फरीदाबाद व गुरुग्राम का आटो उद्योग, कैथल की फिरनी, रोहतक की रेवड़ी व गजक, अंबाला का साइंस उद्योग और यमुनानगर का प्लाईवुड उद्योग ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है। हरियाणा में 140 ब्लाक हैं।

प्रदेश सरकार हर ब्लाक के हिसाब से कम से कम एक ऐसे प्रोडेक्ट को चिन्हित करेगी, जो उस ब्लाक में तैयार होता है या उसकी वहां पहचान है। ऐसे 140 प्रोडेक्ट को चिन्हित करने के बाद सरकार उन्हें हर लिहाज से प्रोत्साहित करेगी। एमएसएमई विभाग से जुड़े अधिकारियों को धरातल पर जाकर ब्लाकवार एक-एक प्रोडेक्ट की पहचान कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कह दिया गया है।

प्रदेश सरकार ने की मल्टीनेशनल व आनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों से बातचीत

हरियाणा सरकार इन प्रोडेक्ट की पहचान कर उनकी बिक्री के लिए मल्टीनेशनल और आनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों से भी बात करेगी। कुछ से बात हो भी गई है। प्रदेश सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर 13 फीसद बेरोजगारी दर के विपरीत हरियाणा में इसका प्रतिशत मात्र 9.8 है।

ब्लाक स्तर पर चिन्हित 140 प्रोडेक्ट के निर्माण, उसकी पहचान और बिक्री के बाद लाखों नए रोजगार सृजित होंगे, जिससे बेरोजगारी दर काफी हद तक कम होने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने वन ब्लाक-वन प्रोडेक्ट योजना को प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर के उद्योगों, हस्तकला व हथकरघा उद्योगों के प्रोत्साहन की दिशा में मील का पत्थर बताया है।

इस तरह से बढ़ेगा हरियाणा के छिपे कारीगरों का बिजनेस

केंद्र व प्रदेश सरकार दोनों का लक्ष्य है कि देश में अधिक से अधिक संख्या में स्माल बिजनेस शुरू हो। जो पहले से चल रहे हैं, उनका विस्तार किया जाए। सरकार स्माल बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस लोन के रूप मदद करेगी। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम यह प्रयास भी होंगे कि नौकरी से अधिक स्वरोजगार तथा कारोबार को महत्व मिले, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।

महिला कारोबारियों के लिए भी सरकार राहत प्रदान करेगी। प्रदेश में न तो कला की कमी है और न ही मेहनत करने वालों की। अगर कमी है तो छोटे कारोबारियों और युवाओं को एक्सपोजर मिलने की, लेकिन अब यह समस्या भी सरकार खत्म करने जा रही है।

उद्योग मंत्री के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि योजना द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक का प्रयोग और कारीगरों को ट्रेनिग दी जाएगी। एमएसएमई के तहत बेहद कम ब्याज दरों पर बिजनेस लोन का इंतजाम होगा। एक प्रोडेक्ट को एक ब्रांड का नाम दिया जाएगा। ब्राडिंग व पैकेजिंग पर सरकार कार्य करेगी।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.