जोगिया सब जानता है: तुम बिन और न दूजा, शरण गहूं मैं किसकी..., पढ़ें हरियाणा राजनीति की और भी रोचक खबरें

राजनीति में कई ऐसी चुटीली अंदर की खबरें होती हैं जो अक्सर मीडिया में सुर्खियां नहीं बन पाती है। हरियाणा के साप्ताहिक कालम जोगिया सब जानता है में आइए राज्य की कुछ ऐसी ही रोचक राजनीतिक गॉशिप्स पर नजर डालते हैं।

Kamlesh BhattFri, 18 Jun 2021 12:16 PM (IST)
मनोहर लाल, दुष्यंत चौटाला व पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो।

नई दिल्ली [बिजेंद्र बंसल]। हरियाणा में भाजपा-जजपा की सरकार बनने के साथ ही दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की दिल्ली दरबार में हाजिरी नियमित रहती है। दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते हैं तो इसी अंदाज में- तुम बिन और न दूजा, शरण गहूं मैं किसकी। कभी मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री के दरबार में कोर्निश बजा आते हैं तो उसके बाद उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपना नंबर लगा देते हैं। भाजपा से जुड़े लोग बताते हैं कि दुष्यंत प्रदेश मंत्रिमंडल में विस्तार चाहते हैं। वह अपने तर्कों से भाजपा हाईकमान को सहमत भी कर लेते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हाईकमान के पास पहुंचते हैं तो मंत्रिमंडल विस्तार टालने पर मुहर लगवा लेते हैं। जजपा को मंत्रिमंडल में अभी तक भले पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिला हो, लेकिन निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसद आरक्षण जैसे अपने वादे उसने पूरा कर हासिल कर लिया है। वैसे भी दुष्यंत चौटाला को मोदी तेज और समझदार नेता मानते हैं।

बोतल पानी की

मनोहर लाल सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय संस्थाओं में वर्षों पुराने सभी लीज होल्डर को मालिकाना हक दे दिया। इसका ज्यादा फायदा देश विभाजन के समय पाकिस्तान से उजड़कर आए पुरुषार्थी पंजाबी समाज को मिला। मालिकाना हक मिलने से पुरुषार्थी समाज ही नहीं बल्कि सभी लीज होल्डर के लिए अपने संस्थान विस्तार की कानूनी बाधाएं खत्म हो गईं। भाजपा विधायक सीमा त्रिखा कुछ व्यापारी संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में सीएम मनोहर लाल का आभार जताने पहुंची। यहां सीमा त्रिखा के साथ आए व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को मिट्टी से बनी बोतल भेंट की। सीएम इसके पीछे का ध्येय पूछा तो व्यापारियों ने बताया कि इससे वे आत्मनिर्भर भारत का संदेश दे रहे हैं। यह बोतल और उन्हें लीज के मकान-दुकान का मिला मालिकाना हक आत्मनिर्भरता का परिचायक है। वैसे बोतल पानी की ही थी, लेकिन पता नहीं क्यों मुख्यमंत्री मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

जब-जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दिल्ली जाते हैं, तब तब यह चर्चा तेज हो जाती है कि भाजपा-गठबंधन में गांठ पड़ गई है, लेकिन हमीरपुर के युवा ठाकुर अनुरागसिक्त शब्दों में इस चर्चा को सिरे से नकार देते हैं। मोदी सरकार में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर कहते हैं कि न गठबंधन में गांठ है न दोनों दलों के नेताओं के मन में। उनकी बात मानना मजबूरी होती है। भाई, गठबंधन की सरकार बनाने के रणनीतिकार वही थे। 14, जनपथ पर रहते हुए अनुराग और दुष्यंत पड़ोसी थे। 2019 के विस चुनाव में जब भाजपा 90 में से 40 सीट पर सिमट गई तो शीर्ष नेतृत्व ने अनुराग को दुष्यंत से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी। दुष्यंत ने ठाकुर का अनुराग से भरा आग्रह मान लिया। सो, जब भी मीडियाकर्मी गठबंधन को लेकर शंका जाहिर करते हैं, तब-तब वह यह गीत दोहरा देते हैं- ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे।

पंडित जी ने खेत का दांव मेड़ पर लिया

बड़े पंडित जी यानी रामबिलास शर्मा। कद उनका छह फुट दो इंच का है और सत्तारूढ़ भाजपा के सबसे बड़े नेता हैं, सो हुए न बड़े पंडित जी। आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे। देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लगा था। इसलिए प्रदेश भाजपा इस दिन को काला दिवस के रूप में याद करेगी। पार्टी की तरफ से इस दिन कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी पंडित जी पर रहेगी। पंडित जी के पास आपातकाल के अनेक संस्मरण हैं। मतलब यह कि पंडित जी इस जिम्मेदारी के लिए सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्ति भी हैं। लेकिन एक कांग्रेसी ने अपने भाजपाई मित्र के सामने बड़े पंडितजी को लेकर तंज कस दिया कि 1996 में पंडितजी उन्हीं बंसीलाल के मंत्रिमंडल में मंत्री बने जिनके इशारे पर आपातकाल में उनपर अत्याचार हुए थे। इस पर भाजपाई ने जवाब दिया- पंडित जी खेत का दांव मेड़ पर ले लिया था, बंसीलाल की सरकार गिराकर।

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