Corona test & treatment fees: निजी अस्पतालों के लिए फीस तय, जानें क्या है हरियाणा में रेट लिस्ट

हरियाणा में कोविड टेस्ट व इलाज के लिए रेट तय। सांकेतिक फोटो

Corona test treatment fees कोरोना के नाम पर कई निजी अस्पताल मरीजों को लूट रहे हैं। हरियाणा सरकार ने अब कोरोना टेस्ट व इसके इलाज के लिए फीस निर्धारित कर दी है। अधिक फीस लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

Kamlesh BhattMon, 19 Apr 2021 11:50 AM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। Corona test & treatment fees: हरियाणा में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जांच और इलाज के नाम पर मोटी फीस वसूल रहे निजी अस्पतालों पर प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसा है। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि जांच और इलाज के लिए निश्चित किए गए शुल्क से अधिक राशि वसूल न की जाए। सभी सिविल सर्जनों को निजी अस्पतालों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। जिस अस्पताल, क्लीनिक या लैब में अधिक वसूली की शिकायत मिली, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा सरकार ने सभी निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अधिकतम खर्च की सीमा तय की हुई है। स्वास्थ्य निदेशालय के पास बड़ी संख्या में ऐसे मामले पहुंचे हैं जिनमें निजी अस्पतालों द्वारा अनाप-शनाप बिल तीमारदारों को थमा दिए गए। इससे कई बार मारपीट की नौबत भी आ चुकी है। पिछले साल कोरोना के शुरुआती दौर में प्रदेश सरकार ने रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पालीमरेज चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) के लिए अधिकतम 4500 रुपये का शुल्क रखा था जो अब सिर्फ 499 रुपये पर सिमट गया है। इससे अधिक धनराशि वसूलने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई का प्रविधान है।

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इसी तरह घर पर जाकर मरीज का आरटी-पीसीआर कलेक्शन करने पर 699 रुपये, रैपिड एंटीजेन टेस्ट के 500 रुपये, सीबीएनएएटी टेस्ट के 2400 रुपये, ट्रूनट टेस्ट के 1250 रुपये, एलिसा टेस्ट के 250 रुपये और वैक्सीनेशन के लिए अधिकतम 250 रुपये लिए जा सकते हैं।

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इसके बावजूद कई निजी अस्पतालों में मरीजों से जांच और के नाम पर कई गुणा अधिक राशि वसूल की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर जांच करा रही है कि निजी अस्पतालों में ज्यादा पैसा तो नहीं लिया जा रहा। सरकार ने जो मानक निर्धारित किए हैं, केवल उसी के अनुसार मरीजों से पैसा लिया जा सकता है।

प्राइवेट अस्पतालों में प्रतिदिन इलाज का यह रेट है तय

निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए अधिकतम शुल्क तय किए जा चुके हैं। ऐसे अस्पताल जो एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, वेंटीलेटर की आवश्यकता वाले आइसीयू में भर्ती मरीजों से अधिकतम 15 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से शुल्क ले सकते हैं। आक्सीजन और सहायक सुविधाओं के साथ अलग बिस्तर के लिए एक मरीज से प्रतिदिन आठ हजार रुपये शुल्क लिया जा सकता है।

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अन्य बीमारियों से ग्रसित ऐसे कोविड के मरीज, जिन्हें बिना वेंटीलेटर के आइसीयू की आवश्यकता है, उनसे प्रतिदिन के हिसाब से 13 हजार रुपये शुल्क लिया जा सकता है। वेंटीलेटर की आवश्यकता वाले आइसीयू में भर्ती मरीज से 15 हजार रुपये प्रतिदिन तक का शुल्क लिया जा सकता है। एनएबीएच (अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए तीन श्रेणियों में प्रतिदिन 10 हजार रुपये, 15 हजार रुपये और 18 हजार रुपये तक शुल्क लगाया जा सकता है।

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