हरियाणा में किसानों को अब उद्योगों का सहारा, कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने को मंजूरी

हरियाण के किसानों को अब उद्योगों का सहारा मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। राज्‍यमें कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्‍करण की करीब डेढ़ दर्जन इकाइयां लगाने की मंजूरी दी गई है। 195 करोड़ रुपये की इन परियाेजनाओं के लिए सरकार उद्यमियों को 28 करोड़ रुपये की मदद देगी।

Sunil Kumar JhaSun, 13 Jun 2021 04:57 PM (IST)
हरियाणा में कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्‍करण औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। (फाइल फोटो)

चंडीगढ,जेएनएन। हरियाणा में किसानों को अब उद्योगों का सहारा मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। हरियाणा सरकार ने किसानों और छोटे उद्यमियों को फायदा पहुंचाने की मंशा से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार बागवानी उत्पादों के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने वाले छोटे उद्यमियों को अनुदान प्रदान करेगी। इससे न केवल किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मार्केट उपलब्ध होगी, बल्कि उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां चालू होने से संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकेंगे।

 हरियाणा में डेढ़ दर्जन खाद्य प्रसंस्‍करण इकाइयों को दी गई मंजूरी

हरियाणा सरकार ने कोल्ड चेन बनाने और पैकेजिंग सुविधाओं वाली इंडस्ट्री लगाने वाले छोटे उद्यमियों को भी अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। अभी तक 195 करोड़ रुपये से अधिक की 15 परियोजनाओं को सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसमें 28 करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान और 165 करोड़ रुपये की निजी भागीदारी शामिल है। खाद्य प्रसंस्करण की इन परियोजनाओं से राज्य के आठ हजार किसानों को लाभ होने का दावा किया जा रहा है। साथ ही करीब दो हजार लोगों के लिए रोजगार मुहैया होने की संभावना है।

195 करोड़ की इन परियोजनाओं में 28 करोड़ का सरकारी अनुदान शामिल

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार के अनुसार राज्य सरकार ने हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए 90 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें साढ़े पांच करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान शामिल है, जो अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए जारी किया जाएगा।

विजयेंद्र कुमार राज्य स्तरीय खाद्य प्रसंस्करण समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक समग्र खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करना तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी करने का है। इससे न केवल फार्म स्तर पर मजबूत अवसंरचना का निर्माण होगा, बल्कि इससे डेयरी और बागवानी क्षेत्रों में तकनीकी रूप से उन्नत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां भी स्थापित हो सकेंगी।

आठ हजार किसानों की आय बढ़ेगी, दो हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रिंसिपल मीडिया एडवाइजर विनोद मेहता के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बैकवर्ड एवं फारवर्ड लींकेज योजना और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों का निर्माण एवं विस्तार योजना के तहत सरकार आगे बढ़ रही है। स्वीकृत परियोजनाओं में चरखी दादरी में एक आधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र और राज्य में उत्पादित फलों एवं सब्जियों के लिए अपनी तरह का एक पहला एकीकृत पैक हाउस शामिल है, जो हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत अवसंरचना विकास निगम के सोनीपत में स्थित खाद्य पार्क में स्थापित किया जाएगा।

राज्‍य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इन परियोजना की स्वीकृति के बारे में जानकारीदी। उन्‍होंने बताया कि किसान और एमएसएमई राज्य के आर्थिक परिदृश्य का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें उचित समर्थन के साथ सक्षम बनाना राज्य सरकार का एक मुख्य लक्ष्य है। इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप राज्य के औद्योगिक एवं कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सकेगा।

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