बड़ी खुशखबरी: हरियाणा में बिजली दरें हुईं करीब आधी, जानें क्‍या है नया स्‍लैब

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली के रेट बहुत कम हो गए हैं। मनोहरलाल सरकार ने बिजली की दर करीब आधी कर दी है। राज्य में प्रति माह 200 यूनिट तक की बिजली की खपत पर प्र‍ति यूनिट अब सिर्फ 2.50 रुपये देना हाेगा। पहले यह दर 4.50 रुपये प्रति यूनिट थी। 50 यूनिट तक बिजली खपत करने वालाें के लिए यह दर दो रुपये प्रति यूनिट होगी। ये दरें 1 अक्‍टूबर से लागू होंगी। नए दराें से हरियाणा के 41 लाख बिजली उपभोक्‍ताओं का लाभ होगा। सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के उन बिजली उपभोक्ताओं को भी मिलेगा, जिनकी बिजली खपत 500 यूनिट तक है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2019 के चुनाव के  पहले इस तरह से मास्टर स्ट्रोक लगाया है।

50 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को दो रुपये यूनिट मिलेगी बिजली

विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सदन में मुख्‍यमंत्री मनोहलाल ने यह घोषणा की। मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि हरियाणा में जो बिजली उपभोक्ता एक माह में 50 यूनिट बिजली खर्च करेंगे उन्हें दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना लगेगा। इससे गरीब तबके अौर निम्‍न आयवर्ग के लोगों का बिजली बिल काफी कम हो जाएगा। इनेलो व कांग्रेस विधायकों ने हालांकि बिजली का बिल दो माह की बजाय एक माह में जारी किए जाने की मांग उठाई, लेकिन इस पर मुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।

200 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को देने होंगे ढ़ाई रुपये प्रति यूनिट

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मुख्‍यमंत्री ने घोषणा की कि हर माह 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को अब 4.50 रुपये प्र‍ति यूनिट की  बजाए 2.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल लगेगा। उन्‍होंने कहा कि नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होगी। नई दरों से हर माह 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को 437 रुपये की प्रतिमाह बचत होगी।

 

माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से भाजपा को सियासी फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने पिछले विधानसभा सत्र में फ्यूल सरचार्ज (एफएसए) कम करते हुए बिजली निगमों का घाटा कम होने की स्थिति में बिजली के दाम भी कम करने का ऐलान किया था। राज्य के बिजली निगम अब घाटे से उबर रहे हैं। हरियाणा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब बिजली निगम 200 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ में पहुंचे हैं।

 

हरियाणा सरकार की बिजली के दाम आधे करने की घोषणा से 41 लाख 53 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। अभी तक 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही थी। उनका बिल 937 रुपये आता था। बिजली के दाम ढ़ाई रुपये प्रति यूनिट हो जाने के बाद अब बिल 500 रुपये आएगा, जिससे उपभोक्ताओं को 437 रुपये प्रति बिल फायदा मिलेगा। यह कमी 46.6 फीसदी दर्ज की गई है। बिजली के दाम संबंधी बाकी स्लैब पूर्ववत रहेंगे।
 
छोटे उपभोक्ताओं और बंद मकान वालों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम खपत वाले छोटे बिजली उपभोक्ताओं को सरकार ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनकी बिजली की खपत 50 यूनिट अथवा उससे भी कम है। सैकड़ों मकान बंद भी पड़े हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जाएगी। यानी उनके बिल में भी आधे से अधिक कमी कर दी गई है।

बिजली के घटे रेट का लाभ मासिक सर्कल के आधार पर

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के बिल दो माह में ही आएंगे, लेकिन उन्हें बिजली यूनिट के दाम में कमी का फायदा मासिक आधार पर मिलेगा। यानी दोनों माह में 200-200 यूनिट बिजली सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।

उदय योजना में 27 हजार करोड़ का कर्ज ओट चुकी सरकार

हरियाणा सरकार ने बिजली निगमों को घाटे से उबारने के लिए उदय योजना के तहत उनका करीब 27 हजार करोड़ रुपये का कर्ज अपने सिर लिया था। बिजली कंपनियां अधिक ब्याज पर यह कर्ज उठा रही थी, लेकिन राज्य सरकार ने कम ब्याज पर यह लोन मार्केट से उठाया तथा बिजली कंपनियों को कर्ज से मुक्त कर दिया। ब्याज की राशि के रूप में ही एक हजार करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो रही है। यही वजह है कि बिजली कंपनियों का लाइन लास और घाटा कम हुआ तथा सरकार बिजली के रेट कम करने को तैयार हो गई।

मनोहर ने विरोधियों को दिया बिजली का जोरदार झटका

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बिजली के रेट आधे कर अपने राजनीतिक विरोधियों को मात दी है। दिल्ली में बिजली के रेट बेहद कम होने का दावा करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा में घुसपैठ करने की तैयारी में थे। अब उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। राज्य के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो व कांग्रेस के लिए भी बिजली के रेट कम होने से चुनौती बढऩे वाली है।

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पूर्व सैनिकों के मामले पर हंगामा

विधानसभा में पूर्व सैनिकों के मामले पर हंगामा हुआ। सदन में कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने पूर्व सैनिकों की मांग पर सरकार से जवाब मांगा। गीता भुक्‍कल ने पूर्व सैनिकों के मुद्दे उठाए तो वित्‍तमंत्री कैप्‍टन अभिमन्‍यु से उनकी बहसबाजी हो गई। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आज कांग्रेसियों को पूर्व सैनिकों की याद आ रही है, लेकिन जब सत्‍ता में थे तो नहीं याद था।

कैप्‍टन अभिमन्‍यु ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में केंद्र सरकार ने सैनिकों के कल्‍याण के लिए कई फैसले किए हैं और वन रैंक वन पेंशन लागू की है। कांग्रेस ने 70 साल में वार मेमोरियल नहीं बनवाया। ये शहीदों के खून पर राजनीति करते हैं।

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कैप्‍टन अभिमन्‍यु ने कहा कि हरियाणा सरकार ने चार साल में शहीदों के 233 आश्रितों को नौकरी दी है। झज्जर में मौजूदा सरकार मिल्ट्री स्कूल नहीं बनवा पाई। गीता भुक्कल शिक्षा मंत्री रहते कुछ नही कर पाई लेकिन हमारी सरकार ने यह स्‍कूल बनवाया। कैप्टन ने कहा कि शहीदों पर कांग्रेस ने गंदी राजनीति की है।

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