परिवार प‍हचान पत्र नहीं है तो जल्‍द बनवा लें, कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए देनी पड़ेगी दोगुनी फीस

Family ID Card हरियाणा में परिवार पहचान पत्र नही होने से लोग कई फायदों से वंचित रह जाएंगे। ऐस में यदि आपके पास भी परिवार पहचान पत्र नहीं है तो जल्‍द बनवा लें। परिवार पहचान पत्र नहीं होने पर राज्‍य में कामन एलिजिबिलिटी टेस्‍ट के लिए दोगुनी फीस देनी होगी।

Sunil Kumar JhaTue, 14 Sep 2021 10:10 AM (IST)
हरियाणा में परिवार पहचान पत्र न होने पर कामन एलिजिबिलिटी टेस्‍ट की फीस दोगुनी देनी पड़ेगी। (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Family ID Card: यदि आपके पास भी परिवार पहचान पत्र नही है तो जल्‍द बनवा लें अन्‍यथा कई फायदे नहीं मिल पाएंगे। हरियाणा सरकार की विभिन्‍न स्‍कीम सहित फीस आदि में भी परिवार पहचान पत्र से लाभ मिलता है। हरियाणा में ग्रुप-सी और डी के पदों पर भर्ती के लिए कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट होगा। इसकी फीस में भी परिवार पहचान पत्र धारकाें को रियासत मिलेगी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनवा चुके आवेदकों की तुलना में पीपीपी नहीं बनवाने वाले युवाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए दोगुनी फीसद देनी पड़ेगी।

पीपीपी पर सामान्य वर्ग के युवाओं और एक्स सर्विसमैन को 500 रुपये और अन्‍यथा एक हजार रुपये

मुख्य सचिव विजय वर्धन ने कामन एलिजिबिलिटी टेस्‍ट के संबंध में नियम एवं शर्तों की अधिसूचना जारी कर दी है। सामान्य वर्ग के युवाओं और एक्स सर्विसमैन के आश्रितों को जहां रजिस्ट्रेशन के लिए 500 रुपये देने होंगे, वहीं (पीपीपी) नहीं होने पर यह शुल्क एक हजार रुपये होगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए दूसरे प्रदेशों के युवाओं को हरियाणा के आवेदकों की तुलना में देना पड़ेगा दोगुना शुल्क

अधिसूचना के अनुसार, अन्य सभी वर्गों के आवेदकों को पीपीपी होने पर 250 रुपये और नहीं होने पर 500 रुपये की फीस देनी होगी। दूसरे प्रदेश के सामान्य वर्ग और एक्स सर्विसमैन के बच्चों के लिए फीस प्रदेश के युवाओं के समान रखी गई है। अन्य वर्गों के युवाओं को हरियाणा के आवेदकों की तुलना में दोगुनी फीस देनी होगी। आवेदक छात्र अपना स्कोर सुधारने के लिए चाहे जितनी बार कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट दे सकते हैं।

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अब अनुबंधित कर्मचारियों के भी आनलाइन तबादले

प्रदेश में 80 कर्मचारियों से अधिक संख्या वाले सभी महकमों में पक्के कर्मचारियों की तर्ज पर अब कच्चे कर्मचारियों के भी आनलाइन तबादले होंगे। यह पहली बार है जब कच्चे कर्मचारियों के तबादलों के लिए आनलाइन ट्रांसफर पालिसी लागू की गई है।

आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-दो के तहत लगे अनुबंधित कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। प्रदेश के कई सरकारी विभागों, निगमों व बोर्डों में आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट-दो के तहत लगे अनुबंधित कर्मचारियों की संख्या हजारों में है। इसी को देखते हुए इन कर्मचारियों के आनलाइन तबादलों का निर्णय लिया गया है।

 

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