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जिमखाना क्लबों में सहायक प्रबंधकों की नियुक्तियों पर विवाद, विजिलेंस जांच की उठने लगी मांग

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में जिमखाना क्लबों में नियुक्तियों के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार होने की खबरें आ रही हैं। रोहतक और बहादुरगढ़ में स्थाई प्रबंधक होने के बावजूद चहेतों को एडजस्ट करने के लिए डीसी रेट पर सहायक प्रबंधकों की नियुक्तियां कर दी गईं। इससे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के शीर्ष अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

HSVP के अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच टेंडर खोलने के नाम पर लेन देन के आरोप पहले से लगते रहे हैं। आरोप है कि मुख्य प्रशासक रहते हुए एक सीनियर आइएएस ने कायदे-कानूनों और पूरी प्रक्रिया को दरकिनार कर जिमखाना क्लबों में चहेतों को नियुक्तियां दी। वह भी तब, जब क्लबों की ओर से असिस्टेंट मैनेजर की नियुक्ति के लिए न कोई सिफारिश की गई और न ही पदों को लेकर कोई विज्ञापन जारी हुआ।

हरियाणा के हर जिले में जिमखाना क्लब बने हुए हैं। इन जिमखाना क्लबों की अपनी गवर्निंग बॉडी है और संविधान है। इसके बावजूद अधिकारियों ने पिछले साल मनमाने तरीके से 14 जुलाई को रोहतक और पहली अगस्त को बहादुरगढ़ में डीसी रेट पर असिस्टेंट मैनेजर नियुक्त कर दिए।

खास बात यह कि रोहतक में जिस व्यक्ति को असिस्टेंट मैनेजर लगाया गया, उन्होंने पिछले साल जून में स्नातक की डिग्री पूरी की और अगले ही महीने उन्हें नियुक्ति दे दी गई, जबकि रोहतक से हटाए गए असिस्टेंट मैनेजर को एक ठेकेदार के कहने पर नौकरी से निकाला गया है।

दोनों ही शहरों के जिमखाना क्लब पूरी तरह लीज पर संचालित हैं। जिमखाना क्लब का स्टाफ दबी जुबान से मांग कर रहा कि पूरे मामले की जांच स्टेट विजिलेंस से कराई जानी चाहिए। इस संबंध में क्लब के ही असीम कुमार ने महकमे के प्रधान सचिव को विगत पहली जून को शिकायत भेजी थी। हालांकि इस पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसी स्थिति राज्य के बाकी जिलों में भी बताई जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल HSVP के अध्यक्ष होते हैं।

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