केंद्र सरकार सुलझाएगी हरियाणा-पंजाब का SYL विवाद, गजेंद्र शेखावत करवाएंगे दोनों राज्यों के सीएम की बैठक

Haryana-Punjab Water Dispute हरियाणा-पंजाब के बीच वर्षों से चल रहे एसवाइएल जल विवाद को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक कराएगा। यह जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने हरियाणा के सीएम को बैठक में दी।

Kamlesh BhattFri, 18 Jun 2021 11:04 AM (IST)
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ बैठक करते हरियाणा के सीएम मनोहर लाल।

नई दिल्ली [बिजेंद्र बंसल]। Haryana-Punjab Water Dispute: हरियाणा एवं पंजाब के बीच वर्षों से चल रहे सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाइएल) के विवाद पर केंद्र सरकार दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मुलाकात का खाका तैयार कर रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने हरियाणा के सीएम मनोहर को बात कही। मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में गजेंद्र शेखावत से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया भी मौजूद रहे।

बैठक में केंद्र सरकार की जल संबंधी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अटल भूजल योजना, नल से जल योजना, कैच दा रेन योजना इन सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। हरियाणा इन सभी योजनाओं पर बेहतरीन ढंग से काम कर रहा है। एसवाइएल के मसले पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि एसवाइएल के मसले पर पिछली बैठक सौहार्दपूर्ण हुई थी। पिछली बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि अगली बैठक चंडीगढ़ में होगी।

दिल्ली में पानी की किल्लत को लेकर आरोप-प्रत्यारोप पर रतन लाल कटारिया ने कहा कि हथिनी कुंड बैराज से पांच राज्यों को पानी मिलता है। हिमाचल प्रदेश में जो दो-तीन बांध बने हैं उसको लेकर भी यहां चर्चा हुई है। जब तक रेणुका बांध, किसाऊ बांध, लखवार बांध नहीं बनते हैं और इनसे पानी की सप्लाई नहीं होती है तब तक थोड़ी दिक्कत है। आज केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक में हरियाणा सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह और सिंचाई व पेयजल विभाग के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम मनोहर लाल ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर से भी मुलाकात की।

दोनों केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना काल से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजाब और हरियाणा के सीएम की एसवाइएल नहर निर्माण के मुद्दे पर बैठक हुई थी। तब यह निर्णय लिया गया था कि एसवाइएल को लेकर पंजाब के साथ फिर बैठक होगी। अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पंजाब के सीएम को पत्र लिखकर इस बैठक का समय तय कराएंगे।

सीएम ने कहा कि सरस्वती प्रोजेक्ट का डिजाइन 15 जुलाई तक केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तैयार कराएगा। इसके लिए 500 करोड़ रुपये की राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। एनआरसीपी के माध्यम से यह फंड मिलेगा। इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलोजी की तरफ से एक संस्तुति आई है कि यमुना में पानी बढ़ाया जाए। अभी यमुना में 10 क्यूबिक पानी ही छोड़ा जाता है। इसका कारण है कि यमुना में पानी कम मात्रा में आ रहा है। अभी हरियाणा को दिल्ली के लिए भी पानी दिया जाता है।

सीएम ने कहा कि उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय को बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलोजी की संस्तुति को पूरा नहीं किया जा सकेगा। सीएम ने कहा कि यदि अपर यमुना के तीन प्रोजेक्ट लखवार, किशाऊ और रेणूका का निर्माण हो जाता है और पानी अतिरिक्त मिलता है तो फिर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलोजी के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। केंद्र सरकार ने आग्रह किया है कि एनसीआर में कुछ बड़ी वाटर बाडी बनाई जाएं। इनके लिए सोनीपत और रोहतक में 15-15 एकड़ जमीन हरियाणा सरकार देगी। इनमें वाटरबाडी बनाने का काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।

मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में 130 महाग्राम हैं। जल जीवन मिशन की योजना के तहत 28 लाख परिवारों को नल से जल उपलब्ध करा चुके हैं। आठ जिलों के गांवों में नल से जल मिल रहा है। हरियाणा देश में सबसे पहले नल से जल योजना को पूरा करेगा। इस योजना के तहत महाग्राम में 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति दिया जाता है मगर यह कम पड़ता है, इसलिए यहां केंद्र सरकार 135 लीटर पानी प्रति व्यक्ति उपलब्ध कराए। 130 महाग्राम हैं और 25 करोड़ रुपये के हिसाब से 3250 करोड़ रुपये की राशि बनती है। यह व्यवस्था भी जल शक्ति मंत्रालय करे। इसके अलावा महाग्राम में सीवरेज व्यवस्था भी इसी योजना के तहत उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया गया है।

सीएम ने कहा कि एनसीआर के जिलों में नई इंडस्ट्री को लाइसेंस तभी मिलेगा जब पीएनजी सीएनजी एलपीजी का कनेक्शन होगा। हरियाणा सरकार ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मांग की है कि जिन जिलों में गैस पाइप लाइन का नेटवर्क नहीं है, वहां यह छूट दी जाए। पानीपत के उद्यमियों सहित आठ जिला के उद्यमियों को इसका फायदा मिलेगा। चीनी मिल के अंदर भी बगास को ईंधन के रूप में अपनाया जा सकता है। यह छूट पर्यावरण मंत्रालय ने दे दी है। यमुनानगर में 15 उद्योगों को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से प्रदूषण की एनओसी की राहत मिलेगी। इन्हें दोबारा से एनओसी लेने की छूट होगी।

खोरी से हटेगा अतिक्रमण

फरीदाबाद के गांव खोरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अतिक्रमण हटाया जाएगा। वहां रह रहे लोग यदि अपने गतंव्य नहीं जा पाए तो उनके लिए प्रशासन ने अस्थायी इंतजाम किए हैं। यदि जरूरत पड़ी तो सरकार इनके लिए वैकल्पिक आशियाना भी उपलब्ध कराएगी। जिन लोगों के समय में यह अतिक्रमण हुआ, उन पर कार्रवाई करने के लिए सरकार तैयार है मगर यह काम काफी मुश्किल है। इसके इंतजाम के लिए राज्य सरकार ने ड्रोन कारपोरेशन का गठन किया है। अब सरकारी विभागों के लिए 200 ड्रोन ऐसे अवैध अतिक्रमण आदि रोकने के काम ही आएंगे। जिन लोगों ने खोरी गांव में पैसे लेकर लोगों को सरकारी जमीन पर बसाया है, उनके खिलाफ सरकार के पास कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।

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