श्री राम मंदिर भूमि पूजन पर हरियाणा में जश्‍न, मनोहरलाल ने कहा-शुभ घड़ी आई, दीया जलाएं

श्री राम मंदिर भूमि पूजन पर हरियाणा में जश्‍न, मनोहरलाल ने कहा-शुभ घड़ी आई, दीया जलाएं
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 09:53 PM (IST) Author: Sunil Kumar Jha

चंडीगढ़, जेएनएन। अयोध्‍या में श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि  पूजन से हरियाणा में भी जश्‍न का माहौल है। लोग खुशियां मना रहे हैं। मंदिरों और धार्मिक स्‍थलों पर विशेष आयोजन किया गया। बुधवार शाम धार्मिक स्‍थलों को रोशनी से सजाया गया। पूरा माहौल दीपावली सी आभा से रोशन हो रहा था। इन सबके बीच मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने लोगों से कहा कि शुभ घड़ी आई है, दीेये जलाकर खुशी मनाएं।

जींद के रानी तालाब मंदिर को सुंदर तरीके से सजाया गया है। बुधवार शाम से ही पूरा मंदिर परिसर दीपावली की तरह रोशन है। रोहतक मेें भी दीपावली का माहौल नजर आया। रोहतक में मंदिरों व आश्रमों को रोशन किया गया है। हिंदू संगठनों के नेता और कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर नृत्‍य किया और जय श्री राम व जय श्री सियाराम का घोष किया।

बुधवार रात रोशनी से नहाया जींद का रानी तालाब मंदिर।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भी मंदिरों और धार्मिक स्‍थलों को सुंदर तरीके से सजाया गया है। ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवरों को भी सुंदर तरीके से रोशन किया गया है। यहां विशेष पूजन और आरती के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धर्मस्‍थल पिहोवा तीर्थ में भी सुंदर तरीके से सजावट की गई और रोशनी की गई।

कुरुक्षेत्र में विशेष आरती का आयोजन किया गया।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सभी प्रदेशवासियों को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को मनाने के लिए लोगों को अपने घरों में दीया जलाकर खुशी मनानी चाहिए और भाईचारे का संदेश देना चाहिए।

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राम मंदिर के लिए हरियाणा के हर गांव से गईं थी रामशिलाएं

हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने पंचकूला में पार्टी कार्यालय में आयोजित रामायण पाठ के माैके पर कहा कि राम नाम से जाना जाता है हरियाणा। राम के नाम से ही कोई काम शुरू होता है और खत्म भी। लोग मिलते और विदा लेते समय भी राम-राम करते हैं। बिना राम के नाम के तो हरियाणा में दिन शुरू नहीं होता। रोम-रोम में राम के नाम का समावेश दिखाई देता है यहां। खेत में काम करता किसान भी हल चलाने से पहले अपने बैलों को कहता है कि भाई ले राम का नाम। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए हरियाणा के हर गांव से रामशिलायें गईं थी।

धनखड़ ने रामायण पाठ में भोग लगाई और हवन में आहुति दी। पूरे प्रदेश में भाजपा, संघ और विहिप कार्यकर्ताओं ने ऐसे आयोजन किए। धनखड़ ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन को पूरा देश उत्सव की तरह मना रहा है। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की धर्मपत्नी के साथ ही केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा के प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी रणदीप घनघस और प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने अयोध्या से लाइव प्रसारण भी देखा।

धनखड़ ने कहा कि हम बहुत सौभाग्यशाली हैं जो इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने जा रहे हैं। अगर कोई पूछे कि जीवन का सबसे अमूल्य क्षण कौन सा रहा तो मै निसंकोच कहूंगा कि आज का दिन पांच अगस्त जब भगवान राम के मंदिर की आधारशिला रखी गई। यह क्षण मेरे जीवन का सबसे बहुमूल्य और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने राममंदिर आंदोलन में शामिल सभी महानुभावों, जो आज इस दुनिया में नहीं हैं, को नमन भी किया।

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दलीय सीमाएं तोड़ सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए विधायक

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में आयोजित सुंदरकांड पाठ में दलीय सीमाएं तोड़ सभी दलों के विधायक शामिल हुए। एनआइटी फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेसी विधायक तो पहुंचे ही, इनेलो विधायक अभय चौटाला और भाजपा के कुछ विधायक भी शामिल हुए।

अद्भुत धाम के स्वामी लक्ष्मीनारायण शरण महाराज ने सुंदरकांड पाठ पढ़ा। इस दौरान भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश नायर, विधायक लक्ष्मण नापा, मोहनलाल बड़ोली, दीपक मंगला और राजेश नागर के साथ ही महिपाल आर्य और पृथला से नेत्री शशि बाला तेवतिया पाठ में शामिल हुए।

सुंदरकांड पाठ के आयोजक कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद हर तरह का विवाद खत्म हो गया है। करोड़ों हिंदू आस्थाओं के प्रतीक भगवान श्री राम के मंदिर का निर्माण भव्य तरीके से होना ही जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शताब्दियों से चल रहा यह विवाद खत्म हो गया है। अब न केवल हर भारतवासी अदालत के फैसले से बन रहे इस मंदिर को लेकर उत्साहित है, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति को प्रेम करने वाले लोग खुश हैं।

सुंदरकांड पाठ के माध्यम से राजनीति के सवाल पर नीरज शर्मा ने कहा कि आस्था के प्रश्न पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। सुंदरकांड पाठ का आयोजन  दलगत राजनीति से हटकर है। इसलिए इस आयोजन में विभिन्न दलों से जुड़े नेताओं ने हिस्सा लिया।

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