जज की निगरानी में सीबीआइ करे भर्ती घोटाले की जांच, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रखी मांग

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कहा कि जज की निगरानी में कैश फार जाब पेपर लीक और ओएमआर शीट भर्ती घोटाले की जांच सीबीआइ से कराई जाए।

Kamlesh BhattSat, 20 Nov 2021 08:19 PM (IST)
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं को लेकर मोर्चा खोला है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में एचसीएस से लेकर ग्रुप डी तक हर नौकरी का रेट तय हैं। नौकरियों के धंधे में लिप्त लोग लखपति व करोड़पति बनाए जा रहे हैं। जज की निगरानी में कैश फार जाब, पेपर लीक और ओएमआर शीट भर्ती घोटाले की जांच सीबीआइ से कराई जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सालों से सरकार लगातार भर्तियों में जारी घोटालों को छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन घोटालों की भरमार इतनी है कि सरकार चाहकर भी उस पर पर्दा नहीं डाल पा रही। एक घोटाले को छिपाने की कोशिश होती है तो दूसरा घोटाला सामने आ जाता है। इसी तरह किसी एक आरोपित को बचाने की कोशिश होती है तो दूसरा फंस जाता है।

उन्होंने कहा कि जो भर्तियां पूरी हो चुकी हैं, उनमें ताबड़तोड़ घोटालों के सबूत अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं। साथ ही जिन भर्तियों की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है, उसमें गड़बड़झाले के साक्ष्य भी सार्वजनिक हो चुके हैं। जाहिर है जो भर्तियां भविष्य में होंगी, उसके लिए भी पहले से ही सेटिंग हो चुकी है। इससे साफ है कि भर्ती माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। अगर ऐसा नहीं है तो असली गुनहगार के नाम सामने क्यों नहीं लाए जा रहे।

हुड्डा ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहे हरियाणा जैसे प्रदेश के युवाओं लिए भर्तियों में घोटाला बेहद गंभीर मुद्दा है। रोजगार और काम धंधे खत्म हो रहे हैं। वर्ष 2014 में कांग्रेस कार्यकाल के दौरान प्रदेश में लगभग चार लाख सरकारी कर्मचारी थे जो अब 2 लाख 80 हजार रह गए हैं। हर साल इतनी भर्तियां भी नहीं हो कर पा रही, जितने कर्मचारी रिटायर हो जाते हैं।

अभय चौटाला बोले- सात वर्ष में हुईं सभी भर्तियों की जांच हो

इनेलो के प्रधान महासचिव और ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा है कि पिछले सात साल में हुईं सभी भर्तियों की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में शुरू हुआ नौकरियां बेचने का काम मौजूदा सरकार में भी बदस्तूर जारी है। चौटाला ने कहा कि पिछले सात साल में दो दर्जन से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए गए हैं। सरकार के संरक्षण के बगैर सरकारी नौकरियों को बेचने का खेल संभव नहीं है। पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगाने का मास्टरमाइंड साफ्टवेयर एजेंसी का मालिक जसबीर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल से ही हरियाणा लोक सेवा आयोग से जुड़ा हुआ है। यानी कि तभी से नौकरियों में खेल चल रहा है।

इनेलो विधायक ने कहा कि जब एचपीएससी के नियमों में उपसचिव का पद नहीं है तो किस के कहने से इस पद पर नियुक्ति हुई। यह जांच का विषय है। यह भी पता लगाया जाए कि आरोपित जसबीर का किन-किन उच्च पदस्थ लोगों के यहां आना-जाना था। सिर्फ डेंटल डाक्टर ही नहीं, बल्कि एचसीएस और न्यायिक परीक्षा के साथ ही तमाम भर्ती परीक्षाओं की जांच होनी चाहिए। बताया जाए कि उक्त कंपनी को जब टेंडर अलाट किया गया तो क्या उस समय भी टेंडर की शर्तों में ढील दी गई थी या नहीं। एचसीएस का पेपर जो शनिवार को स्थगित किया गया है, क्या उसमें भी गड़बड़ थी या नहीं।

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