भाजपा-जजपा को अब हरियाणा में किसान संगठनों के आंदोलन की परवाह नहीं, फील्‍ड में उतरने को बनाई खास रणनीति

हरियाणा में भाजपा और जजपा गठबंधन अब राज्‍य में किसानों के आंदोलन की परवाह नहीं करेगा। भाजपा और जजपा के विधायकों की बैठक में फील्‍ड में उतरने के लिए खास रणनीति बनाई। बैठक में सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक भी शामिल हुए।

Sunil Kumar JhaTue, 22 Jun 2021 11:51 PM (IST)
भाजपा और जजपा विधायकाें की बैठक में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनाेहरलाल और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला। (जागरण)

चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा में भाजपा (BJP) और जननायक जनता पार्टी (Jannayak Janta Party) गठबंधन अब किसान संगठनों के आंदोलन की परवाह नहीं करेगा और मैदान में उतरेगा। इसके लिए भाजपा-जजपा गठबंधन और इसके समर्थक विधायकों ने फील्‍ड में उतरने के लिए खास रणनीति बनाई है।

विधानसभा के बजट सत्र के बाद पहली बार भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायकों की संयुक्त बैठक

किसानों हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के बाद पहली बार इकट्ठा हुए भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायकों ने न केवल अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति लाने की प्रतिबद्धता जाहिर की, बल्कि प्रदेश सरकार ने पंचायतों को पावरफुल करते हुए विधायकों और सांसदों को उनकी समस्याओं के समाधान का प्रहरी बनने का विकल्प दिया है।

 

भाजपा-जजपा विधायकों की बैठक में मौजूद नेता। (जागरण)

पंचायतों को बनाया जाएगा पावरफुल, सांसद व विधायक बनेंगे समस्‍याओं के समाधान के प्रहरी

हरियाणा सरकार जल्द ही जन सहायक के नाम से एक एप लांच करेगी जिसमें प्रदेश का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को अपलोड कर सकता है। अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध तरीका अपनाना होगा।

लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए जल्द लांच होगा जन सहायक एप

प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था की है कि अब पंचायतों द्वारा ग्राम दर्शन योजना के तहत एप पर जिस भी समस्या या मसले को उठाया जाएगा, उसके समाधान के लिए सांसद और विधायक अपनी सिफारिश करते हुए सरकार के पास भेजेंगे। इससे न केवल पंचायतों, विधायकों और सांसदों के बीच समन्वय स्थापित होगा बल्कि सरकार को भी समयबद्ध समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।

भाजपा और जजपा विधायकों की बैठक में मौजूद नेता। (जागरण)

चंडीगढ़ में हरियाणा निवास में आयोजित भाजपा विधायक दल, जजपा विधायक दल और निर्दलीय विधायकों की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, भाजपा प्रभारी विनोद तावडे़, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, जजपा के प्रदेश अध्यक्ष निशांत सिंह और भाजपा के प्रांतीय संगठन मंत्री रविंद्र राजू ने प्रमुख रूप से शिरकत की।

फील्ड में जाएं विधायक : सीएम

बैठक में किसान आंदोलन, कोविड-19 और लंबित विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम किसानों के हितों के पक्षधर हैं। इन तीन कृषि कानूनों में कुछ भी ऐसा नहीं है जो विरोध के लायक है। जितने भी लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे सब राजनीति से प्रेरित हैं। इसलिए विधायक इस आंदोलन की चिंता न करते हुए फील्ड में जाएं और किसानों के हित में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की अधिक से अधिक जानकारी उन्हें दें।

विधायकों की पूछ नहीं होने पर झलकी दुष्यंत चौटाला की पीड़ा

बैठक में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर यदि किसी समस्या के समाधान में भाजपा विधायकों, निर्दलीय विधायकों अथवा जजपा विधायकों के बीच किसी तरह की दुविधा या मनमुटाव देखने को मिले तो इसके समाधान के लिए एक कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। यानी दुष्यंत की पीड़ा बैठक में झलक गई। कहीं न कहीं उन्हें इस बात का मलाल था कि उनकी पार्टी के विधायकों की खास पूछ नहीं हो रही है।

समस्याओं के निदान के लिए अफसरों की जवाबदेही तय हो : दौलताबाद

निर्दलीय विधायकों की तरफ से बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद ने सुझाव दिया कि ग्राम दर्शन योजना के तहत समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों की जवाबदेही समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सहायक एप पर लोगों द्वारा जो भी समस्याएं भेजी जाएंगी, उनका समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई का प्राविधान होना चाहिए।

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हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने पार्टी विधायकों को जनता के बीच जाकर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं तथा कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। धनखड़ ने पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

सबसे पीछे विधायकों के साथ बैठे विज

भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायकों की संयुक्त बैठक करीब एक घंटे तक चली। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी हालांकि बैठक में थे, लेकिन वह सबसे पीछे विधायकों के साथ बैठ गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें आगे आने के लिए कहा, लेकिन वह आगे नहीं आए और विधायकों के साथ ही बैठे रहे। मंच पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बैठे, जबकि उनके सामने वाली कतार में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और संगठन मंत्री समेत बाकी मंत्री और विधायक बैठे दिखाई दिए।

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