Ellenabad By-Election: खुलकर बाहर आ रही देवीलाल व चौटाला परिवार के राजनीतिक वारिसों की कड़वाहट

Ellenabad By-Election ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव में चौटाला परिवार के राजनीतिक वारिसों के बीच खुलकर जंग सामने नजर आ रही है। ऐलनाबाद की सीट अभय सिंह चौटाला के इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। वह फिर इसी सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं।

Kamlesh BhattSun, 24 Oct 2021 02:54 PM (IST)
हरियाणा के चौटाला परिवार की फाइल फोटो।

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। Ellenabad By-Election: हरियाणा के सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। प्रदेश के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के दोनों बेटे अजय सिंह चौटाला और अभय चौटाला इस चुनाव में एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे। देवीलाल परिवार के इन दोनों राजनीतिक वारिसों में कड़वाहट इस कदर बढ़ गई कि कोई किसी का नाम तक सुनने को तैयार नहीं है। अजय सिंह और अभय सिंह दोनों कभी राजनीति में घी-शक्कर हुआ करते थे, मगर आज हालात पूरी तरह से बदले हुए नजर आ रहे हैं।

ऐलनाबाद में 30 अक्टूबर को चुनाव होने वाला है। दीपावली से पहले दो नवंबर को नतीजे आएंगे। सिरसा जिले को ताऊ देवीलाल के परिवार की राजनीति का गढ़ माना जाता है। जब से इस परिवार में राजनीतिक बिखराव हुआ है, तब से यहां अपना रुतबा बरकरार रखने की जंग चल रही है। अब जबकि ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं तो यहां जीत हासिल करने के लिए देवीलाल व चौटाला परिवार के सदस्य पूरा दमखम लगाने में जुटे हैं।

देवीलाल परिवार के करीब एक दर्जन सदस्य प्रत्यक्ष रूप से ऐलनाबाद के चुनाव में कूदे हुए हैं। इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला द्वारा तीन कृषि कानूनों के विरोध में इस्तीफा देने के बाद यह सीट खाली हुई थी। वे दोबारा फिर ऐलनाबाद के रण में ताल ठोंक रहे हैं। उनके विरुद्ध भाजपा-जजपा-हलोपा गठबंधन ने पूर्व मंत्री व सिरसा के हलोपा विधायक गोपाल कांडा के भाई गोबिंद कांडा को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने भाजपा से दो बार चुनाव लड़ चुके पवन बैनीवाल को टिकट दिया है, जबकि 40 साल से पुराने कांग्रेसी भरत बैनीवाल को नजरअंदाज कर दिया है।

ऐलनाबाद के इस रण में अभय चौटाला के साथ उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला और सुनैना चौटाला पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में घूम रहे हैं। गोबिंद कांडा के लिए जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला, उनके बेटे दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला, विधायक नैना सिंह चौटाला, निर्दलीय उम्मीदवारों के कोटे से मनोहर सरकार में कैबिनेट मंत्री बने रंजीत सिंह चौटाला और भाजपा के जिला अध्यक्ष आदित्य देवीलाल चौटाला प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस के लिए देवीलाल परिवार के डा. केवी सिंह और डबवाली के विधायक अमित सिहाग का नाम प्रचार के लिए लिया जा रहा है। दुष्यंत चौटाला और नैना चौटाला की अपेक्षा अजय सिंह चौटाला और दिग्विजय चौटाला खुलकर चुनावी रण में अपने भाई अभय सिंह और पिता ओमप्रकाश चौटाला को चुनौती दे रहे हैं।

चुनावी रण में कई बार ऐसे मौके आए, जबकि अजय सिंह व दिग्विजय ने अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला व अभय सिंह चौटाला पर आरोप लगाए कि वह दिन दूर नहीं, जब लोग कहेंगे कि एक इनेलो भी कभी हुआ करती थी। इसके विपरीत अभय सिंह चौटाला अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं और कहते हैं कि जिस भाजपा के खिलाफ यह लोग वोट लेकर जीते, उसी भाजपा की गोद में बैठकर प्रदेश को बर्बाद करने पर तुले हैं। अजय चौटाला कहते हैं कि अभय ने 86 साल की उम्र में पिता ओमप्रकाश चौटाला को प्रचार के लिए बस में चढ़ा दिया, जबकि अभय चौटाला कह रहे हैं कि लोग इन्हें गांवों में घुसने भी नहीं देंगे और यह गढ़ तो मेरा ही रहेगा।

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