देश में कोविड के ओमिक्रान वेरिएंट की एंट्री के बाद हरियाणा में अलर्ट, SOP के पालन पर रखी जाएगी निगरानी

देश में कोविड के ओमिक्रान वेरिएंट के मामले मिलने के बाद हरियाणा सरकार ने राज्य में अलर्ट कर दिया है। 100 बिस्तरों वाले सभी अस्पतालों में वेंटिलेटर संचालित करने के आदेश दिए गए हैं। मैनपावर की कमी भी दूर होगी।

Kamlesh BhattFri, 03 Dec 2021 06:54 PM (IST)
कोविड को लेकर हरियाणा अलर्ट मोड में। सांकेतिक फोटो

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रान की दस्तक से चिंतित हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा है। 100 बिस्तर से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में वेंटिलेटर को संचालित करने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जहां वेटिलेंटर संचालित करने में मैनपावर की दिक्कत है, वहां अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।

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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में पीएसए आक्सीजन के 90 प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन सभी को संचालित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ओमीक्रान की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंस का पता लगाने के लिए रोकफेलर संस्था ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक को एक मशीन मुफ्त दी है। जीनोम सिक्वेंस के लिए पहले सभी नमूने दिल्ली भेजने पडते थे जिससे रिपोर्ट आने में देरी हो जाती थी। अब रोहतक में यह मशीन अच्छी प्रकार से कार्य कर रही है।

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विज ने बताया कि सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों को वायरलेस मैसेज करके कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। बगैर मास्क पहने और शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे लोगों के चालान काटकर रिपोर्ट उन्हें भेजनी होगी। जनसभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों में एसओपी का पालन हो रहा है या नहीं, इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगे। इसके आलवा नए वेरिएंट के खतरे के मद्देनजर विदेश से लौट रहे लोगों की नियमित निगरानी की जा रही है। अगर किसी में बुखार के लक्षण दिखते हैं तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना होगा।

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शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों का टीकाकरण जरूरी

हरियाणा विधानसभा के 17 दिसंबर से शुरू हो रहा शीतकालीन सत्र में भाग लेने वाले विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी विधायकों और प्रदेश सरकार के सभी विभागों को सूचित किया जा रहा है। नए निर्देशों के मुताबिक सत्र में भाग लेने वाले विधायकों और अधिकारियों को कम से कम एक कोविड रोधी इंजेक्शन लगा होना चाहिए। किन्हीं भी कारणों से जो 17 दिसंबर तक इंजेक्शन नहीं लगवा पाएंगे, उन्हें अपने साथ कोविड टेस्ट आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी।

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि कोरोना नया वैरिएंट ओमिक्रोन भारत में दस्तक दे चुका है। नए वेरिएंट के 30 से ज़्यादा म्यूटेशन होने के कारण यह वायरस ज्यादा घातक हो रहा है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ-साथ लोगों के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा जरूरी हो जाती है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोविड माहमारी से बचाव के लिए हर एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। ज्ञानचंद गुप्ता ने सभी विधायकों से भी आग्रह किया है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करें।

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