इब्राहिम व तैमूर के बाद अब पटौदी धराने के नए शहजादे, क्या होगा करीना-सैफ के बेटे नाम, चर्चाएं छिड़ी

इब्राहिम अली खान, तैमूर अली खान तथा करीना व सैफ अली खान की फाइल फोटो।

करीना कपूर ने एक और बेटे को जन्म दिया है। इससे पहले सैफ अली खान का पहली पत्नी से एक बेटा व करीना से दूसरा बेटा था। पटौदी खानदान में अब तीसरे बेटे का जन्म हुआ है। जिसके नाम को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चर्चाएं छाई हुई हैं।

Kamlesh BhattMon, 22 Feb 2021 11:33 AM (IST)

चंडीगढ़ [सुधीर तंवर]। हरियाणा के गुरुग्राम की तहसील है पटौदी। क्रिकेट की दुनिया से लेकर बालीवुड तक में यहां का पटौदी खानदान मशहूर है। खानदानी विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं छोटे नवाब यानी सैफ अली खान और सुपर स्टार पत्नी करीना कपूर, जो एक बार फिर माता-पिता बने हैं। नन्हे मेहमान के जन्म लेते ही उसके नामकरण को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है। हर कोई जानना चाह रहा कि पटौदी खानदान में इब्राहिम अली खान और तैमूर अली खान के बाद अगले वारिस का नाम क्या होगा। इंटरनेट मीडिया पर ट्रोलर्स करीना और सैफ के दूसरे बेटे के नाम को लेकर कपल को ट्रोल कर रहे हैं। इस सबसे परे पटौदी में छोटे नवाब के शुभचिंतक उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं जब सैफीना अपने तीसरे बेटे को लेकर यहां आएंगे। सैफ और करीना पारिवारिक खुशी के हर मौके पर पटौदी आते रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल पर पड़ोसी घटाएं टैक्स तो बने बात

पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों पर खूब हंगामा हो रहा है। इंटरनेट मीडिया पर पेट्रो पदार्थों को लेकर जहां मजाकिया अंदाज में आडियो-वीडियो शेयर करने की होड़ लगी है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन और विपक्षी कांग्रेस व इनेलो में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल निकला है। हालांकि यह भी सब मानते हैं कि प्रदेश सरकार चाहे तो भी हरियाणा में अपने हिस्से का टैक्स कम नहीं कर सकती। कारण यह कि साथ लगते पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान और दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमत हरियाणा से तीन से पांच रुपये प्रति लीटर ज्यादा है। अगर प्रदेश में पेट्रो पदार्थों पर टैक्स घटाया तो पड़ोसी राज्यों में कालाबाजारी और बढ़ेगी। ऐसे में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पंजाब और हिमाचल के वित्त मंत्रियों से आग्रह किया है कि पेट्रो पदार्थों पर टैक्स के लिए संयुक्त विचार-विमर्श किया जाए। पड़ोसी राज्यों व चंडीगढ़ से प्रस्ताव मिले तो हरियाणा भी इस पर अमल करेगा।

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साहित्य का अनमोल रत्न हैं धीरा

हरियाणा में करीब दर्जनभर आइएएस-आइपीएस अफसर ऐसे हैं जिनकी साहित्य लेखन से लेकर नृत्य, गायन और संगीत की दुनिया में खासी पहचान हैं। इन्हीं में से एक हैं सीनियर आइएएस धीरा खंडेलवाल। जितनी कर्मठ ब्यूरोक्रेट्स, उतनी ही संवेदनशील कवयित्री और गंभीर लेखिका। इतिहास और ज्योतिष की अध्येता को अब श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान से नवाजते हुए हरियाणा साहित्य अकादमी ने उनकी रचनात्मकता पर मुहर लगाई है। साहित्यिक अभिरुचि की धनी धीरा को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। दरअसल, ब्यूरोक्रेसी से लेकर साहित्य में खंडेलवाल दंपती छाए हुए हैं। रिटायर्ड आइएएस और वर्तमान में हरेरा के चेयरमैन डा. केके खंडेलवाल साहित्यिक सफर में बखूबी कदमताल कर रहे हैं जिनकी करीब एक दर्जन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। दस विषयों में एमए कर चुके खंडेलवाल का धीरा के साहित्यिक सफर में बड़ा योगदान रहा है जो जिंदगी के अथाह विशाल भंडार से विषय चुनने में खूब माहिर हैं।

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चौटाला की रिहाई में सियासत बनी रोड़ा

बड़े चौटाला यानी पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने एक बार फिर रिहाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा काट रहे चौटाला हालांकि कोरोना काल में मिली छूट के चलते करीब दस महीने से जेल से बाहर हैं और अब उनकी पैरोल 23 फरवरी तक बढ़ गई है, लेकिन कुछ सियासी ताकतें उनकी स्थाई रिहाई होने में रोड़ा बनी हैं। निर्धारित सजा पूरी होने के बाद 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 70 फीसद से अधिक विकलांगता वाले कैदियों को रिहाई में विशेष छूट देने का प्रविधान है। इनेलो सुप्रीमो दोनों ही शर्तें पूरी करते हैं, लेकिन इस पर राजनीति हावी हो जा रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस पर हैरानी जताते हुए पूछा कि आखिर चौटाला के मामले में नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा। अदालत के इस रुख से लगता है देर-सबेर चौटाला को राहत मिल जाएगी।

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