ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव की हार के बाद हरियाणा कांग्रेस में घमासान, सैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा में बढ़ी तल्खी

ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद हरियाणा कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। हुड्डा व कुमारी सैलजा समर्थक आमने-सामने हैं। सैलजा समर्थक विधायक शमशेर सिंह गोगी ने हुड्डा के विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम पर फिर सवाल उठाए हैं।

Kamlesh BhattFri, 12 Nov 2021 10:21 AM (IST)
भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कुमारी सैलजा की फाइल फोटो।

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई है। हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्षा कुमारी सैलजा के करीबी असंध से विधायक शमशेर सिंह गोगी ने इस कार्यक्रम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।

उन्होंने 18 नवंबर को जींद में होने वाले विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम को कांग्रेस का कार्यक्रम मानने से साफ इन्कार कर दिया। गोगी ने कहा कि जिस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष शामिल नहीं हैं, उसे मैं कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं मान सकता। हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक दल की ओर से मोर्चा संभालते हुए पलटवार किया कि जिन्हें कांग्रेस विधायक दल के फैसलों की ताकत का नहीं पता, उनके अल्पज्ञान पर सिर्फ मुस्कुराया ही जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा के बीच विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर तनातनी कम होने के बजाय बढ़ रही है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हुए फैसले के बाद हुड्डा ने भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के विरुद्ध विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया था। यह हर जिले में होना है। पहला कार्यक्रम सीएम सिटी करनाल में हुआ, जिसमें दो दर्जन से अधिक विधायकों ने भागीदारी कर गठबंधन सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। अब दूसरा कार्यक्रम जींद में 18 नवंबर को है। इससे पहले 16 नवंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विधानसभा के शीतकालीन सत्र की रणनीति तैयार होनी है।

हुड्डा के विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर सैलजा पहले भी सवाल उठा चुकी हैं। कांग्रेस विधायक दल की जिस बैठक में यह कार्यक्रम चलाने का निर्णय हुआ था, उसमें विधायक शमशेर सिंह गोगी ने सैलजा को भी इस कार्यक्रम में शामिल किए जाने की बात कही थी। सैलजा व गोगी के सवाल उठाने के बाद खुद हुड्डा ने मोर्चा संभालते हुए कहा था कि कांग्रेस विधायक दल का मतलब ही पार्टी का कार्यक्रम है। यदि कोई इस कार्यक्रम को पार्टी का कार्यक्रम नहीं मानता तो वह कांग्रेस विधायकों को पार्टी से निकलवाने की पहल करे। हुड्डा के इस बयान के बाद मामला कुछ दिन तक शांत रहा। इस बीच ऐलनाबाद उपचुनाव आ गए, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी पवन बैनीवाल अपनी जमानत जब्त कराते हुए तीसरे नंबर पर रहे।

पवन बैनीवाल को कुमारी सैलजा का उम्मीदवार माना जाता है। सैलजा की ओर से हुड्डा समर्थक भरत बैनीवाल को इस हार के लिए जिम्मेदार बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। भरत बैनीवाल टिकट के दावेदार थे। अभी तक उन्होंने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया है। पवन बैनीवाल अपनी हार के लिए अन्य कुछ नेताओं के नाम लेने की बात कह रहे हैं। सैलजा द्वारा हार के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। इस दौरान हुड्डा समर्थकों ने 21 ऐसे बूथ चिन्हित किए हैं, जहां दलित मतदाता हैं, लेकिन इन बूथों पर पार्टी बुरी तरह से हारी है। सैलजा की पहचान दलित नेता के रूप में भी है। दलित बाहुल्य बूथों पर कांग्रेस की हार का ठीकरा सैलजा के सिर फोड़ते हुए इस लिस्ट को हाईकमान तक पहुंचाने की तैयारी है।

और भी कई नेताओं को दिए जाएं नोटिस : शमशेर गोगी

असंध (करनाल) के विधायक शमशेर सिंह गोरी का कहना है कि ऐलनाबाद में अभय सिंह चौटाला की जीत खुशकिस्मती से हुई है। उन्हें अपनी जीत के लिए ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस यदि एकजुट होकर चुनाव लड़ती तो पार्टी जीत सकती थी। भरत बैनीवाल के अलावा अन्य कई नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिए जाने चाहिए। इन नेताओं के नाम मैं पार्टी की मंथन बैठक में बताऊंगा। मैं 16 नवंबर की कांग्रेस विधायक दल की बैठक में तो जाऊंगा, लेकिन 18 नवंबर को विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम में इसलिए शामिल नहीं होऊंगा, क्योंकि जिस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष को नहीं बुलाया जाता, वह पार्टी का कार्यक्रम नहीं हो सकता। उसे व्यक्ति या नेता का कार्यक्रम तो कह सकते हैं।

किसी के अल्पज्ञान पर क्या टिप्पणी की जाए : प्रो. वीरेंद्र

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल का फैसला बहुत बड़ा होता है। किसी को यदि इस दल के फैसले की अहमियत नहीं पता तो उसके अल्पज्ञान को क्या कहा जा सकता है। विपक्ष में रहने पर हर कोई अपने-अपने ढंग से पार्टी को मजबूत करता है और सरकार की खामियों को उजागर करता है। कांग्रेस विधायक दल विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए लोगों के बीच पहुंच रहा है। उनकी समस्याएं सुन रहा है, ताकि उन्हें विधानसभा में उठाया जा सके। हर जिले व विधानसभा स्तर पर यह कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम का विरोध करने वाले कांग्रेस के विरोधी हैं या सरकार के हमदर्द, यह सोचने का ङ्क्षबदु है। विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम को जनता में खूब सराहना मिल रही है और इससे गठबंधन की सरकार में बेचैनी का आलम है।

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