हरियाणा में घोटालों में चार्जशीट अफसर-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी, सात दिन में मांगी स्टेटस रिपोर्ट

हरियाणा में घोटालेबाज अफसरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी। सांकेतिक फोटो

हरियाणा में घोटाला चार्जशीट व अफसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। विभिन्न मामलों में वर्षों से लंबित जांच को पूरा करने के लिए एक महीने की मोहलत खत्म हो गई है। सरकार ने सात दिन में कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

Kamlesh BhattSat, 10 Apr 2021 12:10 PM (IST)

चंडीगढ़ [सुधीर तंवर]। हरियाणा में सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार और वित्तीय गोलमाल के मामलों में जांच का सामना कर रहे अफसर-कर्मचारियों पर शिकंजा कस गया है। हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड व अपील) नियम, 2016 के नियम 7 के तहत चार्जशीट सभी मामलों में एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट मांगी है, ताकि इन्हें अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

मुख्य सचिव विजय वर्धन ने इस संंबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को लिखित आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के विभिन्न महकमों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के सैकड़ों ऐसे मामले हैं जिनमें आरोपितों के खिलाफ जांच लंबे समय से चल रही है। कहीं आरोपितों के रसूख और मिलीभगत तो कहीं जांच अधिकारियों की ढिलाई के चलते जांच पूरी नहीं हो पा रही। जांच लंबी खिंचने से आरोपित मजे से नौकरी कर रहे हैं और मामलों में निष्कर्ष नहीं निकल पा रहे।

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पिछले दिनों रजिस्ट्री घोटाले में आरोपित नायब तहसीलदारों व तहसीलदारों को भी जांच पूरी न होने के कारण वर्क लोड के चलते बहाल करना पड़ा था। ऐसे अनेकों मामले हैं जिनमें मिलीभगत कर जांच लटका दी गई या फिर दूसरे दूसरे कारणों से यह सिरे नहीं चढ़ पाई। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों उच्च स्तरीय बैठक में एक महीने की मोहलत देते हुए वर्षों पुराने चार्जशीट के मामलों की समीक्षा कर इन्हें निपटाने के निर्देश दिए थे।

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यह समयावधि भी खत्म हो चुकी है। मुख्य सचिव ने अब ऐसे सभी मामलों में प्रगति रिपोर्ट तलब की है। सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। रिपोर्ट में बताना होगा कि कितने मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और कितनों में बाकी है। अगर किसी मामले में जांच लंबे समय से लटकी है तो क्यों।

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