हरियाणा युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कुमारी सैलजा गुट में रस्साकशी

हरियाणा में युवक कांग्रेस के प्रधान पद को लेकर हुड्डा व सैलजा गुट में रस्साकशी चल रही है। दिव्यांशु बुद्धिराजा पद के लिए प्रबल दावेदार हैं। सैलजा गुट मुंबई और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर कार्यकारी अध्यक्ष बनवाने के लिए लाबिंग कर रहा है।

Kamlesh BhattMon, 22 Nov 2021 02:56 PM (IST)
भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कुमारी सैलजा की फाइल फोटो।

बिजेंद्र बंसल, नई दिल्ली। हरियाणा युवक कांग्रेस के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा के बीच रस्साकशी अभी जारी है। इस चुनाव में हुड्डा गुट को 90 विधानसभा अध्यक्ष में से 75, 26 महासचिव में से 21 और 31 जिला अध्यक्षों में से 24 पर जीत मिली थी। प्रदेशा अध्यक्ष पद पर भी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गुट के दिव्यांशु बुद्धिराजा को सर्वाधिक 4,90,755 मत मिले। कुमारी सैलजा समर्थक कृष्ण सातरोड को 2,90,099 मत मिले, जबकि साधारण कार्यकर्ता के रूप में प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे मयंक चौधरी को अपने दम पर 40,862 मत मिले।

चुनाव में इन तीनों प्रत्याशियों को युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंगलवार नई दिल्ली में साक्षात्कार के लिए बुलाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी मिलकर इन तीनों का साक्षात्कार करेंगे तथा इसके बाद युवक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। मतों की संख्या के आधार पर दिव्यांशु बुद्धिराजा ही प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है, मगर सैलजा गुट दिव्यांशु के अतीत को लेकर यह लाबिंग कर रहा है कि इनके साथ एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाए।

कृष्ण सातरोड को सैलजा गुट कार्यकारी अध्यक्ष बनवाना चाहता है। इसके लिए सैलजा गुट ने राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष मुंबई और हिमाचल प्रदेश के उदाहरण रखे हैं। वहां युवक कांग्रेस के अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए हैं। पार्टी नियमों के अनुसार कृष्ण सातरोड को पार्टी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मयंक चौधरी को उपाध्यक्ष तो बनाया ही जाना है। यदि सैलजा गुट की लाबिंग काम आई तो कृष्ण सातरोड कार्यकारी अध्यक्ष भी हो सकते हैं।

मयंक चौधरी को भी मिल सकता है महत्व

फरीदाबाद के मयंक चौधरी ने युवक कांग्रेस के चुनाव में 40 हजार मत लेकर यह साबित कर दिया है कि हुड्डा और सैलजा गुट से अलग भी युवा कांग्रेस पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं। कृष्ण सातरोड को तो सैलजा के अलावा राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरेजावाला का भी समर्थन प्राप्त था। ऐसे में यदि मयंक चौधरी अपने दम पर 40 हजार युवाओं का समर्थन जुटा सकते हैं तो उनके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व कुछ अलग सोच सकता है।

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