91 किमी लंबी यमुनानगर-चंडीगढ़ रेलवे लाइन को मिले सिर्फ 1000 रुपये, RTI में मांगी जानकारी में हुआ खुलासा

यमुनानगर-चंडीगढ़ रेल लाइन को मिले सिर्फ 1000 रुपये। सांकेतिक फोटो

सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी पर उत्तर रेलवे ने जवाब दिया है कि वर्ष 2013-14 में मंजूर हुए 91 किलोमीटर लंबी यमुनानगर-चंडीगढ़ रेलवे लाइन को वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में सिर्फ एक हजार रुपये आवंटित किए गए हैं।

Kamlesh BhattFri, 07 May 2021 09:41 AM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में 91 किलोमीटर लंबी यमुनानगर-चंडीगढ़ रेलवे लाइन (Yamunanagar-Chandigarh Railway Line) के निर्माण के लिए वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में सिर्फ एक हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। कांग्रेस नेता विजय बंसल द्वारा सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में उत्तर रेलवे ने यह खुलासा किया है।

केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रयासों से वर्ष 2013-14 में यमुनानगर-चंडीगढ़ रेलवे लाइन का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। सीमित फंड के चलते केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार पर लागत का 50 फीसद भार डालते हुए लाइन बिछाने के लिए मुफ्त में जमीन भी मांगी थी। आठ साल के लंबे अंतराल के बावजूद अभी तक प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है।

हरियाणा किसान कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व चेयरमेन विजय बंसल ने कहा कि इसी क्षेत्र में पड़ते अंबाला के सांसद रत्न लाल कटारिया केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। इसके बावजूद इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ एक हजार रुपये का मिलना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेश सरकार को मामले में हस्तक्षेप कर केंद्र पर इस रेलवे लाइन का निर्माण शीघ्र कराने का दबाव डाला जाना चाहिए। इस रेलवे लाइन से यमुनानगर, जगाधरी, बिलासपुर के उद्योगों के साथ ही सढौरा,नारायणगढ़, रायपुररानी, बरवाला, रामगढ़ व पंचकूला में भी रोजगार के साधन पैदा होते।

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