हरियाणा में 5 लाख परिवार छिपा रहे कमाई, पीपीपी व राशन कार्ड के डाटा में अंतर, अपात्रों की सुविधाएं बंद करने की तैयारी

हरियाणा में पांच लाख परिवारों के परिवार पहचान पत्र व राशन कार्ड के डाटा में अंतर है। अब हरियाणा सरकार इनका वेरिफिकेशन करवाने की योजना बना रही है। सरकार द्वारा अपात्र लोगों की सुविधाएं बंद करने की तैयारी है।

Kamlesh BhattTue, 23 Nov 2021 05:22 PM (IST)
हरियाणा में पांच लाख परिवारों के राशन कार्ड व पीपीपी डाटा में अंतर।

सुधीर तंवर, चंडीगढ़। सरकारी सेवाओं में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) लागू किए जाने के बाद विभिन्न स्तरों पर अनियमितताएं पकड़ में आने लगी हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में करीब पांच लाख राशन कार्ड उपभोक्ता ऐसे मिले हैं, जिन्होंने सालाना कमाई पीपीपी में अलग दिखाई है तो पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) में अलग। इसके अलावा अंत्योदय व बीपीएल राशन कार्ड धारकों में से भी 80 हजार राशन कार्ड ऐसे मिले हैं, जो निर्धारित मानदंडों पर खरे नहीं उतर रहे।

हरियाणा सरकार सरकार अब ऐसे तमाम अपात्र परिवारों को दी जा रही सुविधाएं बंद करने की तैयारी में है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश के 27 लाख परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ दिया जा रहा है। इनमें से करीब 18 प्रतिशत परिवार ऐसे मिले हैं, जिनका पीडीएस व पीपीपी कार्ड का डाटा मेल नहीं खा रहा है। इसके मद्देनजर विभाग ने सभी जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक अधिकारियों को वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। अब तक दो लाख से ज्यादा परिवारों की वेरिफिकेशन हो चुकी है और बाकी बचे हुए परिवारों की वेरिफिकेशन का काम इस महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा।

अंत्योदय व बीपीएल राशन कार्डधारकों की बात करें तो प्रदेश में ऐसे 11 लाख 41 हजार परिवार हैं। इनमें 10 लाख 62 हजार राशन कार्डों का डाटा सही पाया गया है, जबकि 80 हजार परिवारों की वेरिफिकेशन नहीं हो पाई है। पीपीपी के बाद सरसों के तेल को लेकर दिए जाने वाली डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) में भी करीब 80 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने अपना खाता नंबर नहीं दिया है। 10 लाख 62 हजार खातों में सीधी राशि दी जा रही है। 80 हजार खातों का मिलान नहीं हो पा रहा है। विभागीय वेरिफिकेशन के बाद यदि इनका डाटा मेल नहीं खाता है तो यह तमाम राशन कार्ड काट दिए जाएंगे।

11.50 लाख परिवारों की आय हाे चुकी सत्यापित

हरियाणा में करीब 54 लाख परिवार पहचान पत्र बनाए जाने हैं। अभी तक 11 लाख 50 हजार 858 परिवारों की आय के सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि पहले चरण में एक लाख परिवारों की आय का स्तर एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक किया जाए। फिलहाल पहले चरण में 50 हजार रुपये की सालाना कमाई वाले तीन लाख 35 हजार परिवारों का चयन किया गया है। इसके अलावा पहली नवंबर से सरकार ने पीपीपी कार्ड के साथ 456 योजनाओें को जोड़ दिया है। गलत जानकारी देने वालों और अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

डाटा वेरिफिकेशन का 50 प्रतिशत काम पूरा

पीडीएस व पीपीपी कार्ड के डाटा वेरिफिकेशन के लिए डीएफएससी को निर्देश दिए हैं। इसमें से 50 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। इस माह के अंत तक उन पांच लाख परिवारों की वेरिफिकेशन पूरी हो जाएगी। जिलावार रिपोर्ट आने के बाद जिनका पीडीएस व पीपीपी कार्ड के आधार पर डाटा मेल नहीं खाता मिला, उन्हें तमाम सुविधाएं बंद की जाएंगी। अंत्योदय व बीपीएल कार्ड की श्रेणी में 80 हजार राशन कार्ड ऐसे मिले हैं, जिनकी पीपीपी कार्ड के साथ वेरिफिकेशन नहीं हो पाई है।-अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

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