कोरोना से राहत तो बुखार बना सिरदर्द, जिले में प्लेटलेट्स की जंबो किट खत्म

प्राइवेट लैब के अलावा जिला नागरिक अस्पताल में भी ब्लड बैंक है। मगर नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

JagranThu, 21 Oct 2021 08:16 PM (IST)
कोरोना से राहत तो बुखार बना सिरदर्द, जिले में प्लेटलेट्स की जंबो किट खत्म

कुलवीर चौहान, पलवल:

जिले में कोरोना के मामले शून्य हो चुके हैं। मगर जिले में बुखार के बढ़ते मामले सिर दर्द बन गए हैं। अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे पड़े हैं। बुखार के बढ़ते मामलों के कारण सरकारी अस्तपालों से लेकर निजी अस्पतालों तक की ओपीडी तीन से चार गुना तक बढ़ गई हैं। इन सब के बीच बुखार से पीड़ित मरीजों की प्लेटलेट्स अचानक कम हो रही हैं। वहीं शहर के अधिकांश ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स निकालने के लिए जंबो किट उपलब्ध नहीं हैं। ब्लड बैंकों में किट का स्टाक नहीं बचा है। इस कारण मरीज के स्वजन ब्लड बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। 21 हजार रह गए प्लेटलेट्स, जंबो किट न मिलने के कारण नहीं मिले प्लेटलेट्स

शहर निवासी जिले सिंह ने बताया कि उनका बेटा सोहना रोड स्थित निदान अस्पताल में दाखिल है। उसके प्लेटलेट्स 21 हजार रह गए हैं। डाक्टर ने प्लेटलेट लाने के लिए कहा है। लगातार ब्लड बैंक के चक्कर के बाद जंबो किट नहीं मिली। इस कारण प्लेटलेट का इंतजाम नहीं हो पाया है। लोग लौट रहे हैं वापस

होडल स्थित नवजीवन ब्लड बैंक के संचालक सतीश का कहना है कि एक यूनिट जंबो प्लेटलेट्स से 40 से 45 हजार प्लेटलेट्स बढ़ जाते हैं। मगर जंबो किट उपलब्ध नहीं हैं। ब्लड बैंक में प्रतिदिन 50 से 100 लोग बिना प्लेटलेट्स के ही वापस जा रहे हैं। वह दिल्ली के जनकपुरी से किट लाते हैं। चार दिन पहले उन्हें आठ किट मिली थी। मगर वह उसी रात को खत्म हो गई। वह खुद भी बुखार से पीड़ित हैं। जिले में मौजूद हैं चार ब्लड बैंक

जिले में चार ब्लड बैंक मौजूद हैं। पलवल में अपना ब्लड बैंक, लाइफ लाइन चैरिटेबल ब्लड बैंक और होडल में नवजीवन चैरिटेबल ब्लड बैंक हैं। मगर इन सभी में प्लेटलेट्स के लिए जंबो किट खत्म हो चुकी हैं। वहीं सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अनुमति के इंतजार में धूल फांक रही प्लेटलेट्स निकालने की मशीन

प्राइवेट लैब के अलावा जिला नागरिक अस्पताल में भी ब्लड बैंक है। मगर नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पिछले लंबे समय से प्लेटलेट्स निकालने के लिए नागरिक अस्पताल में मशीने आई हुई हैं। मगर अभी तक भी प्लेटलेट्स निकालने के लिए अनुमति नहीं मिल पाई है। ब्लड बैंक के अधिकारी डाक्टर दयानंद के मुताबिक जिसे भी प्लेटलेट्स की जरूरत हैं, उसे अस्पताल द्वारा प्राइवेट लैब से प्लेटलेट्स दिलवाई जा रही हैं।

मेरे बेटे की प्लेटलेट्स काफी कम हो गई हैं। डाक्टर ने प्लेटलेट्स चढ़ाने को कहा है, लेकिन मुझे किट नहीं मिल रही है। हम बहुत परेशान हैं।

- धन सिंह, निवासी, गांव फिरोजपुर मेरा बेटा अस्पताल में बुखार से पीड़ित है। उसके प्लेटलेट्स 21 हजार रह गए हैं। अभी मैं लाइफ लाइन चैरिटेबल ब्लड बैंक आया हूं। मगर यहां भी किट नहीं होने की बात कही जा रही है।

- जिले सिंह

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