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एक गांव ऐसा जिसे शहर भी देख कर शर्मा जाए, पीएम के मन की बात में हुई थी तारीफ, जानें खासियत

पलवल [संजय मग्गू]। मंजिले उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, केवल पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। गांव भिडूकी की पंचायत अक्षरश: इसे पूरा करती है। पलवल जिले के सबसे बड़ी पंचायतों में शामिल गांव भिडूकी आजकल प्रदेश भर में अपनी पहचान बना रही है । अब गांव की जल संरक्षण की योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात अपडेट ट्विटर हैंडल पर शेयर करने के बाद से गांववासी गौरवांवित हैं। शहरी सुविधाओं की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गांव भिडूकी ढाई एकड़ में श्री सिद्ध बाबा खेल परिसर, बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क, ओपन जिम, वीर अभिनंदन पुस्तकालय, सीसीटीवी कैमरों से युक्त चौपाल खुद की विकास गाथा बयान करती हैं। जल संरक्षण की दिशा में तो पंचायत वह स्थान प्राप्त कर चुकी है जिसकी कल्पना ही की जा सकती है। हालांकि, गांव के लोग बिजली की समस्या से ग्रस्त हैं, तथा इसके लिए सरकार की तरफ निगाहें लगाए हैं।

लोगों ने कहा-

हमारी पंचायत ने जलसंरक्षण की दिशा में जो प्रयास किए हैं वह वाकई काबिले तारीफ हैं। अब प्रधानमंत्री जी ने भी हमारे गांव की जल संरक्षण की मुहिम को सराहा है। हमारे लिए गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री जी तक हमारे गांव के चर्चे पहुंचे हैं।

वीरेंद्र नंबरदार, ग्रामीण

एचसीएस की तैयारी कर रहा था, लेकिन सुविधा के अभाव में वह तैयारी कहीं अधूरी थी। गांव की डिजिटल लाइब्रेरी से स्थान की समस्या भी दूर हो गई तथा यहां लैपटॉप व वाईफाई की सुविधा से संपन्न होने से ज्ञानवर्धन में भी सहायता मिलती है।

संदीप छात्र

गांव में पंचायत द्वारा बनाई गई वीर अभिमन्यु डिजिटल लाइब्रेरी हमे अपने ख्वाब बुनने तथा उन्हें साकार करने में सहायक बन रही है। लाइब्रेरी में ही मैने आर्मी में भर्ती होने की परीक्षा की तैयारी की है। मेरे जैसे कई छात्रों के लिए लाइब्रेरी सहायक सिद्ध होगी।

हरेंद्र तंवर, छात्र

पंचायत ने सिद्धबाबा खेल परिसर के समीप जो पार्क बनाया हुआ है, वह किसी भी लिहाज से शहर के बड़े पार्कों को पीछे छोड़ता है। शानदार आकर्षक झूले जहां बच्चों के मन को भाते हैं तथा ओपन जिम सेहत ठीक रखने में सहायक बनता है।

रिंकी, स्थानीय निवासी

गांव का पार्क अहसास कराता है कि हम भी किसी शहर में रह रहे हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते आजकल पार्क में जाना नहीं होता, लेकिन जैसे ही समय बदलेगा फिर से पार्क में रौनकें गुलजार होंगी।

मिथलेश, स्थानीय निवासी

गांव पंचायत के सदस्यों व ग्रामीणों के सहयोग से गांव में काफी कार्य किए हैं, लेकिन अभी काफी कुछ करना बाकि है। गांव में बस शेल्टर तथा पीएचसी खोला जाना प्रस्तावित है, जिसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। अब प्रधानमंत्री की नजर भी हमारे गांव की तरफ आई है तो जिम्मेदारी भी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। जनसहयोग से गांव में वह हर सुविधा उपलब्ध कराएंगे जो कि एनीआर के बड़े शहरों में हैं।

सत्यदेव गौतम, सरपंच

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