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विधायक जी 20 मिनट की बारिश ने कर दिया बेहाल

संजय मग्गू, पलवल

थोड़ी सी बारिश में शहर में जलभराव होने संबंधी खबरों के दैनिक जागरण द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने को विधायक दीपक मंगला ने गंभीरता से लिया था। सात जुलाई के अंक में प्रकाशित हुई 20 मिनट की बारिश में शहर के पानी-पानी होने संबंधी खबर के प्रकाशन के बाद विधायक दीपक मंगला ने एसडीएम, एडीसी व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उन स्थानों का निरीक्षण किया था, जहां कि बारिश के बाद जलभराव होता है।

निरीक्षण के दौरान विधायक मंगला ने अधिकारियों को गंदगी से भरे नाले दिखाते हुए कहा था कि एक सप्ताह में उनकी सफाई करा दी जाए, ताकि कहीं जलभराव न हो। विधायक मंगला ने करीब तीन घंटे के अपने निरीक्षण के दौरान पूरी गंभीरता से शहर को जलभराव से बचाने की दिशा में अपनी तत्परता दिखाई थी, लेकिन लाल फीताशाही के चलते बृहस्पतिवार को करीब 20 मिनट की बारिश ने अधिकारियों की रिपोर्ट को उजागर कर दिया।

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शिव कॉलोनी में निकाली गाद वापस गई नाली में :

नगर परिषद की चेयरपर्सन इंदु भारद्वाज के पुत्र अविनाश भारद्वाज ने मंगलवार को कॉलोनी की नालियों की सफाई कराई। मगर दो दिन से गाद न उठने के कारण बृहस्पतिवार को हुई बारिश में अधिकतर स्थानों पर गाद बहकर वापस नाले-नालियों में चली गई तथा कीचड़ युक्त जलभराव जैसे हालात बन गए।

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शहर के अधिकांश रास्ते बने तालाब :

बारिश ने भयंकर गर्मी से राहत तो दी लेकिन लाइन पार एरिया के रास्ते लबालब तालाब बने दिखाई देने लगे। लगभग पूरे शहर के रास्ते पानी में तालाब का रूप ले लेते हैं। कई महीनों पहले कालोनियों में सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई की गई थी। पाइप तो दबा दिए गए परंतु टाइलें नहीं लगाई गईं जिसके कारण रास्तों का बुरा हाल हो गया है। एक तो पहले ही लाइन पार राजीव नगर, मोहन नगर, शमसाबाद, इस्लामाबाद और कैलाश नगर आदि अनेकों कालोनियों के गंदा पानी निकासी का कोई स्थाई समाधान नहीं है। पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक राम कुमार बघेल कहता हैं कि पर्यावरण एवं जीव- जंतुओं के लिए बारिश वरदान है परंतु यहां के लोगों के लिए यह नरकीय जीवन बना देती है। शीघ्र पानी निकासी एवं रास्तों की उखड़ी टाइलों को लगाकर टूटी पड़ी नालियों को बनाना चाहिए।

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कागज की नाव चलाकर जताया विरोध

रसूलपुर चौक के समीप स्थित ट्रैक्टर मार्केट में हुए जलभराव के बीच स्थानीय निवासियों व दुकानदारों ने पानी में कागज की नाव चलाकर हुक्मरानों को संदेश दिया कि उनके आदेश व निर्देश नौकरशाही के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं। वैसे अगर नगर परिषद के कर्णधार यदा-कदा नाले-नालियों की सफाई कराने की खानापूर्ति के बाद गंदगी को उठवा लें तो शायद हालात कुछ ठीक रहें।

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शहर में सफाई व्यवस्था तथा बारिश में जलभराव न हो इसके लिए हम पूरी तरह से गंभीर हैं। अधिकारियों के साथ शहर का निरीक्षण करते हुए एक सप्ताह में हालात सुधारने की चेतावनी दी गई थी। उसकी रिपोर्ट ली जाएगी तथा जो भी लापरवाही करने वाले अधिकारी या कर्मचारी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

- दीपक मंगला, विधायक पलवल

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