पराली जलाने वाले जिले के दो गांव रेड और 16 येलो जोन में

जिले के भिडूकी और खांबी गांव को रेड जोन में शामिल किया गया है।

JagranFri, 24 Sep 2021 08:04 PM (IST)
पराली जलाने वाले जिले के दो गांव रेड और 16 येलो जोन में

कुलवीर चौहान, पलवल:

प्रदेश सरकार धान की कटाई से पहले ही पराली निस्तारण की कवायद में जुट गई है। प्रदेश के 13 जिलों में 199 गांव रेड जोन तथा 723 गांव येलो और आरेंज जोन के लिए चयनित किए गए हैं। इनमें पलवल जिला भी शामिल है। लिहाजा जिला प्रशासन पराली जलाने की घटनाओं पर रोकथाम के लिए सक्रिय हो गया है। फसली अवशेष जलाने के मामले में प्रशासन ने जिले के दो गांवों को रेड जोन (अति संवेदनशील) और 16 गांवों को संवेदनशील (येलो जोन) में चिह्नित किया है। विभाग के अनुसार जिन गांवों में पिछले साल पराली जलाने के पांच से ज्यादा मामले आए थे, वह रेड जोन में शामिल हैं और जिन गांवों में पांच से कम मामले थे वह येलो जोन में शामिल किए गए हैं।

प्रशासन की तरफ इन गांवों में अब ग्राम सभाओं की बैठक आयोजित की जाएंगी और पराली के विरुद्ध जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अगले कुछ दिनों में किसानों को पराली से होने वाले नुकसानों के प्रति जागरूक करने के लिए मोबाइल वैन को भी जिला उपायुक्त द्वारा झंडी दिखाई जाएगी।

कृषि विभाग के मुताबिक पराली जलाने की घटनाओं पर रोकथाम के लिए सरकार पराली निस्तारण यंत्रों के लिए बड़ी मात्रा में किसानों को सब्सिडी भी दे रही है, जो किसान यंत्र खरीदने में असमर्थ हैं उन्हें किराए पर यंत्र दिए जाएंगे। पराली को खरीदने के लिए भी प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए कंपनी से करार किया गया है। वहीं किसानों को पराली के निस्तारण हेतु डीकंपोजर भी दिया जाएगा। इस बार इन कृषि यंत्रों को किसानों को आवंटित करने के लिए रेड और येलो जोन में बांटा गया है।

यह किसान ले सकेंगे फायदा

कृषि विभाग के मुताबिक पराली निस्तारण यंत्रों के लिए मिलने वाले अनुदान का वह किसान फायदा ले सकते हैं, जिन्होंने पिछले दो वर्षों के दौरान कोई सब्सिडी नहीं ली है। अनुदान लेने के लिए राज्य सरकार के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान 70 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसानों के लिए आरक्षित होगा। हरियाणा सरकार इस योजना के तहत कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, रिवर्सेबल एमबी प्लफ, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चॉपर, मल्चर, सुपर सीडर, बेलिग मशीन, क्राप रीपर जैसी मशीनें पर अनुदान दे रही है। यह गांव हैं रेड और येलो जोन में

जिले के भिडूकी और खांबी गांव को रेड जोन में शामिल किया गया है। वहीं येलो जोन में जिले के बांसवा, सौंदहद, सेवली, हसनपुर, कुशक, पिनगवां, रायदासका, असावटा, छज्जूनगर, किठवाड़ी, रसुलूपुर, अलावलपुर, बढराम, जनौली, खजूरका और मांदकौल शामिल हैं। पिछले वर्ष आए थे पराली जलाने के कुल 104 मामले

जिले में वर्ष 2017 में पराली जलाने के कुल 23 मामले सामने आए थे, जिनमें कुल 57 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वर्ष 2018 में पराली जलाने के मामले बढ़कर 232 हो गए, जिनमें 48 मुकदमे दर्ज किए गए थे और पांच लाख पांच हजार का जुर्माना लगा था।

वर्ष 2019 की बात करें तो पराली जलाने के कुल 79 मामले सामने आए, जिनमें से 70 में मुकदमा दर्ज किया गया था और 42 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पिछले वर्ष कुल 104 मामले आए थे, जिनमें दो लाख 92 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कृषि विभाग द्वारा पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कृषि विभाग द्वारा पराली निस्तारण यंत्रों के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है।

- कुलदीप तेवतिया, एसडीओ, कृषि विभाग

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