जिम्मेदारी समझें नहीं तो कड़ी कार्रवाई के लिए रहें तैयार : टीसी गुप्ता

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा है कि अधिनियम के दायरे में आने वाली सेवाओं के विस्तार के लिए जल्द ही अन्य सेवाओं को भी आरटीएस के दायरे में लाया जाएगा।

JagranTue, 21 Sep 2021 06:29 PM (IST)
जिम्मेदारी समझें नहीं तो कड़ी कार्रवाई के लिए रहें तैयार : टीसी गुप्ता

जागरण संवाददाता, नूंह : हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा है कि अधिनियम के दायरे में आने वाली सेवाओं के विस्तार के लिए जल्द ही अन्य सेवाओं को भी आरटीएस के दायरे में लाया जाएगा। टीसी गुप्ता मंगलवार को नल्हड़ मेडिकल कालेज में प्रशासनिक अधिकारियों, संबंधित विभागों के अध्यक्षों व नागरिकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

टीसी गुप्ता ने कहा कि जल्द ही प्रापर्टी आइडी, परिवार पहचान पत्र में संशोधन, सीवरेज कनेक्शन, खाद व फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजनाओं, मनरेगा, स्वामित्व योजना के तहत किए गए पंजीकरण में शुद्धीकरण, छात्रों को प्रदान की जाने वाली मार्कशीट, डिग्री व स्कूल लीविग सर्टिफिकेट, महिलाओं व बच्चों के टीकाकरण जैसी विभिन्न योजनाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्षों के लिए सख्त हिदायत के साथ कुछ लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवाओं के निपटान के मामले में विभागों का स्कोर 10 में से कम से कम 9.9 होना चाहिए। इसके अतिरिक्त नागरिकों से सेवाओं के संबंध में ली जाने वाली प्रतिक्रिया के मामले में भी 5 में से 4 अंक होने चाहिए। मुख्य आयुक्त ने कहा कि 31 अक्टूबर तक सभी विभाग वर्ष 2020 तक की लंबित सेवाओं के मामलों का निपटान करना सुनिश्चित करें। अब तक 250 अधिकारियों को जारी हुए नोटिस

मुख्य आयुक्त ने हिदायत दी कि विभाग नागरिकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के मामले में रिजेक्शन रेट को भी कम से कम करें। यदि इन बिदुओं पर किसी भी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उन्हें समन कर मुख्यालय बुलाया जाएगा। ऐसे मामलों में 20 हजार रुपये तक की पेनल्टी लगाई जाएगी और यदि किसी एक अधिकारी पर तीन बार पेनल्टी लग गई तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश भी सरकार से की जाएगी। अभी तक लापरवाही के मामलों में आयोग ने 250 अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। बागवानी विभाग की सरहाना की

मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि फिलहाल 31 विभागों की 546 सेवाओं को आरटीएस में सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें से 277 सेवाएं अंत्योदय सरल, 184 आनलाइन पोर्टल व 85 आफलाइन सेवाएं हैं। आफलाइन सेवाओं को भी जल्द ही आनलाइन कर सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व राज्य सेवा अधिकार आयोग का उद्देश्य आम जनमानस तक सरकारी सेवाओं तथा योजनाओं का पूर्ण लाभ समयबद्ध अवधि में पहुंचाना है। सेवा अधिकार के तहत योजनाओं का समयबद्ध अवधि में लाभ न पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आवेदनों को ठोस कारण के बिना रद किए जाने पर भी कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। बैठक में उन्होंने ऐसे अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी, जिनके पास लंबित आवेदनों की संख्या अधिक है। विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, बिजली, वेलफेयर आफ एससी-बीसी, श्रम विभाग के अधिकारियों को उन्होंने सुधार के लिए निर्देश दिए। उन्होंने अच्छा कार्य करने पर बागवानी विभाग की सरहाना भी की। इस अवसर पर मुख्य आयुक्त ने गणमान्य नागरिकों से भी प्रतिक्रिया ली। आटो अपील सिस्टम से आएगी क्रांति

हरियाणा पहला राज्य है जहां पर आटो अपील सिस्टम विकसित किया गया है, जिसमें सेवाओं में की जाने वाली देरी के मामलों में स्वयं ही अपील फाइल होगी। यह जानकारी देते हुए मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि सेवाओं में जानबूझकर लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में आटो अपील सिस्टम विकसित किया गया है। इसमें सेवाओं में की जाने वाली देरी के मामलों में स्वयं ही अपील फाइल होगी। इसके अतिरिक्त जल्द ही एक काल सेंटर की स्थापना होगी, जिसमें देरी के मामलों में आवेदक फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नागरिक आरटीएससी-एचआरवाई डाट जीओवी डाट आइएन पर भी शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा सरल पोर्टल पर दी जाने वाली सेवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-3968400 पर शिकायत की जा सकती है। टीसी गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि दैनिक आधार पर कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। यह बात सत्य है कि जिस तरह से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है, उसके मुकाबले उनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ है। इसलिए अधिकारी-कर्मचारी नागरिक सेवाओं को अपना नैतिक कर्तव्य समझें। उन्होंने सुझाव दिया कि नागरिकों को अधिनियम के तहत विभिन्न सेवाओं की जानकारी देने के लिए जिले के सरल केंद्र व सीएससी संचालकों को प्रशिक्षित कराए ताकि वे सही ढंग से आवेदन कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खडे़ हुए व्यक्ति तक पहुंचे।

इस अवसर पर फरीदाबाद मंडल के आयुक्त संजय जून ने सेवा का अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी विभागाध्यक्ष को हिदायत दी कि वे अपनी कार्य प्रणाली में सुधार करें। उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि जिले के स्कोर को सुधारने के लिए सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्य करें तथा नागरिकों के जो अधिकार है उनको समय सीमा में उनके उचित अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि नूंह जिला अभी 15वें स्थान पर है, जिसका आरटीएस स्कोर 9.2 है। सेवा का अधिकार आयोग की सचिव मीनाक्षी राज ने कहा कि अधिकारियों को केवल नौकरी करने की बजाय लोक सेवा के भाव से कार्य करना होगा। साथ ही समय सीमा के अंदर सेवाएं देकर अपने कर्तव्य को पूरा करें। अतिरिक्त उपायुक्त सुभिता ढाका ने कहा कि हमें नूंह जिला का स्कोर ठीक करने के लिए अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाना होगा। उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता को हेरिटेज आफ मेवात पुस्तक भी भेंट की। इस अवसर एसडीएम नूंह सलोनी शर्मा, एसडीएम पुन्हाना मनीषा शर्मा, एसडीएम फिरोजपुर-झिरका रणवीर सिंह, जिला परिषद के सीईओ गजेन्द्र सिंह, नगराधीश जयप्रकाश, सिविल सर्जन डा. सुरेन्द्र यादव, मेडिकल के निदेशक पवन गोयल, अतिरिक्त निदेशक सतेन्द्र दुहन आदि मौजूद रहे।

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