वायरल का प्रकोप, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

बरसाती सीजन व बदलते मौसम में वायरल का प्रकोप चरम पर है। निजी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है जबकि सरकारी अस्पतालों में भी वायरल के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

JagranTue, 07 Sep 2021 06:56 PM (IST)
वायरल का प्रकोप, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

संवाद सहयोगी, तावडू : बरसाती सीजन व बदलते मौसम में वायरल का प्रकोप चरम पर है। निजी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है जबकि सरकारी अस्पतालों में भी वायरल के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

जिला फिलहाल कोरोना मुक्ति की ओर अग्रसर है लेकिन बढ़ते वायरल के प्रकोप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हर घर में कोई ना कोई वायरल की चपेट में आ रहा है। शरीर के तापमान में बढ़ोतरी, खांसी, जुकाम, सीने में दर्द के साथ जोड़ो में भी दर्द होने के कारण वायरल के नए रूप से चिकित्सक भी हैरान हैं। वायरल को लेकर इस बार स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी देखने को मिल रही है जहां तावडू क्षेत्र में इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छर मार स्प्रे व फागिग का कार्य भी नहीं हो रहा है। स्थानीय नगर पालिका प्रशासन द्वारा भी इस बार शहरी क्षेत्र में फागिग नहीं कराई गई है, जिससे मच्छर मक्खियों का प्रकोप चरम पर है।

मोहम्मदपुर अहिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डा. ज्योति गोदारा की माने तो पिछले साल के मुकाबले इस बार वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। वही गर्मी उमस व मौसम में बदलाव के चलते लोगों में त्वचा संबंधी बीमारियां भी देखने को मिल रही है। वायरल बुखार फैलने के कारण मानव शरीर का सामान्य तापमान 98. 6 डिग्री फारेनहाइट यानी कि 37 डिग्री सेल्सियस होता है। सामान्य तापमान से अधिक बढ़ने पर बुखार का मतलब है कि आपका शरीर किसी प्रकार के जीवाणु या वायरल संक्रमण से लड़ रहा है। वायरल अंतर्निहित वायरल बीमारी के कारण होता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। वायरल बुखार बहुत संक्रामक रोग है जिसकी चपेट में कोई भी व्यक्ति कहीं भी ग्रस्त हो सकता है। बच्चे और बुजुर्ग वायरल की चपेट में सबसे अधिक आते हैं। बचाव के लिए बरतें सावधानियां :

वायरल बुखार से बचाव के लिए जरूरी है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें। मुंह और नाक को साफ कपड़े या रुमाल से ढक कर रखें। संभव हो सके तो सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करें। मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, शरीर के ज्यादातर हिस्से को ढक कर रखें। इसके अलावा पोष्टिक व प्रोटीन, विटामिन युक्त भोजन ग्रहण करें। यह सही है कि जिले में वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है लेकिन राहत की बात है कि यह मलेरिया और डेंगू में कन्वर्ट नहीं हो पा रहा है। पूरे जिले में अभी तक एक डेंगू व चार मलेरिया के मामले सामने आए हैं। जिले का तावडू क्षेत्र इस मामले में सुरक्षित जोन में आता है, बाकी जगहों पर फागिग व स्प्रे का कार्य निर्बाध रूप से जारी है।

- डा. विमलेश तिवारी, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ पहले के मुकाबले क्षेत्र में वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज यहां आ रहे हैं, जिनमें से अधिकतर वायरल बुखार से ग्रसित हैं। अधिकतर मरीजों में बुजुर्ग व बच्चे शामिल हैं, जिनमें बुखार के साथ खांसी, जुकाम व कफ जैसे लक्षण है।

- डा. परवीना, जनरल फिजिशियन, सीएचसी तावडू

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