यातायात नियमों के उल्लंघन से बढ़ रहे सड़क हादसे

यातायात नियमों के उल्लंघन से बढ़ रहे सड़क हादसे

नूंह जिले में पिछले कुछ वर्षों में सड़क हादसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे साफ तौर पर यातायात के नियमों का उल्लंघन होना है।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 06:04 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, फिरोजपुर झिरका: नूंह जिले में पिछले कुछ वर्षों में सड़क हादसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे साफ तौर पर यातायात के नियमों का उल्लंघन होना है। नियमों को ताक पर रखने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने सटीक कार्रवाई नहीं की। पुलिस व जिला प्रशासन खानापूर्ति के लिए केवल लोगों को बीच-बीच में नियमों का पाठ पढ़ाती है, उसके बाद बिल्कुल उसी अंदाज में यातायात के नियमों का उल्लंघन होता है, जिससे हादसे होते हैं। यदि बीते सात सालों में जिले में हुए सड़क हादसों पर गौर करें तो जिलेभर में 3691 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 1513 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि 3600 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

बता दें कि जब से नूंह जिला अस्तित्व में आया है, तभी से ही यहां की सड़कों पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ा। इसके चलते यहां हादसे भी बढ़ गए। वर्ष 2013 में जिले में 303 सड़क दुर्घटना हुई। इनमें 152 लोगों की मौत हुई जबकि वर्ष 2015 और 2016 में 900 के करीब हादसे हुए, जिनमें 335 लोगों की मृत्यु हुई। वहीं, 2017 में 545 सड़क हादसे हुए। इनमें 247 लोगों की मृत्यु हुई। इसी तरह 2018 में 239, 2019 में 237 तथा इस साल के 10 महीनों में 169 लोगों की जान सड़क हादसों के कारण चली गई। अधिकांश हादसों में यातायात के नियमों की अनदेखी पाई गई। ओवरलोड की समस्या ने भी क्षेत्र के लोगों की जान निकाल के रखी हुई है।

सड़कों पर लगाई जा रही है अवैध पार्किग: जिले में बढ़ते हादसों के पीछे सड़कों पर मनमाने तरीके से लगाई जा रही अवैध पार्किग है। मुख्य सड़कों के साथ लगाई जा रही पार्किग से न केवल कई हादसे अब तक घटित हो चुके हैं, बल्कि इनके कारण आए दिन जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। बीते तीन वर्षों में इसके कारण 37 लोगों की मृत्यु हुई। सड़कों पर लग रही अवैध पार्किग को लेकर पुलिस का रवैया सुस्त है। जिले की सड़कों पर लग रही अवैध पार्किग को लेकर जिला प्रशासन को सख्ती दिखाने की जरूरत है। ओवरलोड वाहनों से हो रहे हादसे: जिले में आए दिन हो रहे अधिकांश हादसों के पीछे ओवरलोड वाहन हैं। इसकी सच्चाई पुलिस विभाग से मिल रहे आंकड़ों से भी लगाई जा सकती है। ये ओवरलोड वाहन किसी न किसी व्यक्ति की जान ले लेते हैं। दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे ओवरलोड वाहनों पर नंबर प्लेट भी कम ही दिखाई देती हैं। वैसे देखा जाए तो वर्तमान में सबसे अधिक ओवरलोड वाहन पुन्हाना और चांदडाका थाना क्षेत्र में चल रहे हैं। इनकी वजह से यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। अवैध तरीके से चलने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। निश्चित ही पुलिस द्वारा एक अभियान चलाकर लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। वैसे यातायात नियमों को लेकर कई बार जागरूकता अभियान चलाया गया है। जिसमें लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है।

धर्मबीर सिंह सौरोत, जिला प्रभारी, यातायात पुलिस, नूंह।

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