नौ साल बीते, अब और कितना करना पड़ेगा इंतजार

नौ साल बीते, अब और कितना करना पड़ेगा इंतजार
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 02:15 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, फिरोजपुर झिरका : नूंह जिले में अब से नौ साल पहले महात्मा गांधी ग्रामीण आवासीय बस्ती योजना के तहत बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट आवंटित हुए थे। योजना का उद्देश्य था कि भूमिहीन तमाम बीपीएल परिवारों को रिहाइश के लिए जगह मिले, जिसपर वो अपना आशियाना बना सके। लेकिन अभी तक लाभार्थियों को उनकी प्लाटों पर कब्जा नहीं मिला है। आखिर क्या कारण है? कौन इसको लेकर लापरवाही बरत रहा है। इस सब का जवाब लाभार्थी परिवार जिला प्रशासन के अधिकारियों से मांग रहे हैं।

इस बारे में ब्लाक समिति मेंबर समीम अहमद, युवा नेता जकरिया शहीद, सामाजिक कार्यकर्ता जुनेद खान बलई, अजहर मेव भादस ने बताया कि सरकारी योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी गंभीर नहीं है। इसकी बानगी और अंदाजा आवासीय बस्ती योजना के तहत मिलने वाली प्लाटों को लेकर लगाया जा सकता है। उपरोक्त योजना के सैकड़ों लाभार्थियों को 9 सालों से प्लाटों पर कब्जा पाने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि अधिकांश पंचायतों की लापरवाही और सुस्त रवैये के चलते लाभार्थी परिवार आज भी प्लाटों के कब्जे से वंचित है। सरकार को इस बारे में गंभीरता दिखाने की जरूरत है। लाभार्थी तैयब हुसैन, इसराईल खां, वहीदन, धर्मबीर, सतीश चंद, बलबीर सिंह आदि ने बताया कि वो नौ सालों से प्लॉटों पर कब्जा पाने की बाट जोह रहे हैं। इंतजार करते वो थक चुके हैं। इससे अच्छा तो प्लाट ही नहीं मिलते तो ही सही रहता।

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उपमंडल की कई पंचायतों में लाभार्थी परिवारों को कब्जा दिया जा चुका है। कई जगह भूमि की पैमाइश होने का काम बाकी है। कई जगह ऐसी भी हैं जिन पर अवैध कब्जा है। हाल के दिनों में कई गांवों से अवैध कब्जे हटाए गए हैं। जल्द ही इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात कर लाभार्थियों को उनकी प्लाट पर कब्जा दिलवाया जाएगा। रीगन कुमार, एसडीएम फिरोजपुर झिरका।

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