top menutop menutop menu

Tiddi Dal Attack: मेवात में टिड्डी दल ने एक फिर से बोला धावा, किसानों में दहशत

नूंह, जागरण संवाददाता। टिड्डियों के दल ने मेवात में एक फिर ये बोला धावा बोल दिया है। रात करीब 11 बजे राजस्थान से मेवात पहुंचे टिड्डियों के दल ने सुबह आठ बजे तक मचाया उत्पात। कृषि विभाग ने टिड्डियों को भगाने के लिए सुबह तक ऑपरेशन चलाया। प्रशासन ने 30 फीसद टिड्डियों को मारने का दावा किया है।

बताया जा रहा है कि टिड्डियों का दल करीब पांच किलोमीटर के दायरे में था। टिड्डियों का दल सुबह राजस्थान की ओर निकला है। टिड्डियों के आने से जहां किसानों में हड़कंप मचा गया। क्षेत्रीय किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

बता दें कि राजस्थान का भरतपुर और अलवर जिला टिड्डियों के दल का मुख्य केंद्र है। अब से 10 दिन पहले भी टिड्डियों के दल ने मेवात के कई इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर जिला प्रशासन व किसानों की नींद उड़ा दी थी। यह बात अलग है कि जिला प्रशासन की मुस्तैदी के चलते टिड्डियों का दल फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा सका था।

कृषि विभाग इस बारे में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कृषि विभाग ने देर रात भरतपुर से मेवात पहुंचे टिड्डियों के तल का सफाया करने का दावा किया है। विभाग का दावा है की कार्रवाई के दौरान विभिन्न दवाइयों के छिड़काव से करीब 30 फीसद टिड्डियों को मार गिराया गया है। टिड्डियों का आतंक देर रात उपमंडल के नांगल मुबारिकपुर सहित दर्जनों गांवों में था।

हजारों टिड्डियों का किया खात्मा, दो दल और घुसे

इससे पहले शुक्रवार को रेवाड़ी में प्रवेश करने वाला टिड्डी दल रात को गांव जैतड़ावास में ऊंचे पेड़ों पर बैठा था। पहले से ही तैयार जिला प्रशासन व कृषि विभाग की टीम ने देर रात टिड्डी दल पर दवा का छिड़काव करना शुरू कर दिया। टिड्डियों को मारने का यह सिलसिला शनिवार सुबह तक चला। इस अभियान में हजारों टिड्डियों का सफाया किया गया। जिला प्रशासन ने इस दल की 60 प्रतिशत टिड्डियों को मारने का दावा किया है।

प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारी इससे पहले की राहत की सांस ले पाते शनिवार को राजस्थान की तरफ से दो और टिड्डी दलों ने जिला में प्रवेश कर लिया। बावल क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों में होते हुए ये टिड्डी दल आगे बढ़े। टिड्डी दलों ने किसानों के खेतों में खड़ी कपास व बाजरा की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया। किसान थाली, ड्रम, डीजे आदि बजाकर इनको भगाते रहे। एक दल आगे खोल क्षेत्र में प्रवेश कर गया और यहां पर दर्जनों गांवों में नुकसान करता हुआ दादरी जिला के गांव चिडि़या में प्रवेश कर गया। वहीं दूसरा दल देर शाम झज्जर जिला की तरफ निकल गया।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.