ई-श्रम पोर्टल पर 6,171 लोगों ने कराया पंजीकरण

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया। नूंह जिला में लगभग 6171 श्रामिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने उपरांत ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

JagranSun, 17 Oct 2021 07:43 PM (IST)
ई-श्रम पोर्टल पर 6,171 लोगों ने कराया पंजीकरण

जागरण संवाददाता, नूंह : श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया। नूंह जिला में लगभग 6,171 श्रामिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने उपरांत ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि जिले में असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करने के लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ा जा सके। नेशनल डेटाबेस आफ अन-आर्गेनाइज्ड वर्कर्स कार्यक्रम के तहत कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है। डीसी ने बताया कि जिले में अब तक 6,171 श्रामिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया हैं। विभाग द्वारा श्रमिकों को गांव-गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है ताकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा सके। उन्होंने गांवों व शहरों में श्रमिकों व मजदूरों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया और योजनाओं के लाभ बताए।

ई-श्रम पोर्टल पर नि:शुल्क है पंजीकरण व यूनिक आई-कार्ड : ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण बिल्कुल नि:शुल्क है। पंजीकरण उपरांत श्रमिकों व मजदूरों के यूनिक आई-कार्ड बनाए जाते हैं। इस यूनिक आईडी कार्ड बनते ही असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित सरकार की ओर से दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिलता है।

यूनिक आई-कार्ड बनने उपरांत होंगे ये लाभ : यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिलेगा। इसका एक साल का खर्च भी सरकार स्वयं ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है का खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जोकि मंत्रालय और सरकार द्वारा चलाई गई जा रही हैं, का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

श्रमिकों को आपदा के समय पहुंचाई जा सकेगी मदद : यूनिक आई-कार्ड के माध्यम से श्रमिकों की विभिन्न गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी। सरकार रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकेगी, साथ ही यदि कहीं किसी विशेष वर्ग के श्रमिकों की जरूरत होगी तो इसी यूनिक आईडी के माध्यम से इन लोगों को सूचित भी कर दिया जाएगा।

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