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लॉकडाउन में ढील के साथ चरमराई कचरा प्रबंधन व्यवस्था

जागरण संवाददाता, नारनौल :

लॉकडाउन में सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। जिला प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष जोर दिया गया है लेकिन अब धीरे-धीरे बाजार खुलने से चहल-पहल भी बढ़ गई है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर दिखने लगा है। शहर में पहले की तरह कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे हैं। वहीं जिले में कोरोना संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। नगर परिषद अधिकारियों की माने तो शहर के मोहल्लों में प्रतिदिन सफाई के साथ कूड़े का उठान भी करवाया जा रहा है लेकिन शहर में स्थिति इससे अलग है।

225 कर्मियों पर सफाई का जिम्मा:

शहर के 25 वार्डों सहित बाजारों व अन्य स्थानों की सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद नारनौल द्वारा करीब 225 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। वहीं छह ट्रैक्टर-ट्राली व 20 के करीब टैंपो के अलावा जेसीबी मशीन व डंपर प्लेसर मशीन के माध्यम से शहर में कूड़े के उठान का कार्य किया जा रहा है। लॉकडाउन की शुरुआत में शहर पूर्ण रूप से बंद होने के कारण शहर में अधिक कूड़ा नहीं निकल पाया। अब लॉकडाउन में छूट के साथ बाजार खुलने लगे हैं जिससे पहले की तरह बाजारों व मोहल्लों में कूड़ा बाहर एकत्रित होना आरंभ हो गया है। इस कारण सफाई कर्मचारियों को पहले के मुकाबले अधिक साफ-सफाई करनी पड़ रही है।

संक्रमित कचरे से बना है खतरा :

कोविड-19 अस्पताल से निकलने वाले बायामेडिकल वेस्ट से भी संक्रमण फैलने का अंदेशा लगा हुआ है। जिले में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटीकरा को कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है जोकि शहर से बाहर है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कंपनी की ओर से एक वाहन लगाया है जोकि समय-समय पर सभी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को एकत्रित करके ले जाती है। अब सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया हुआ है जबकि लोग मास्क को इस्तेमाल करके इधर-उधर फेंक देते है। इससे भी संक्रमित व्यक्ति के मास्क से संक्रमण फैलने का भय बना रहता है।

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शहर में नियमित सफाई करवाई जा रही है। वहीं शहर के मोहल्लों से डोर-टू-डोर कूड़े का उठान भी किया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना वायरस संक्रमण के चलते शहर में समय-समय पर सैनिटाइज भी करवाया जा रहा है। सफाई कर्मचारी पूरी मेहनत से अपना कार्य कर रहे है।

- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद नारनौल। जागरण सुझाव :

- इस्तेमाल किए गए मास्क को कूड़ेदान में डालना चाहिए

- शहर में नियमित सफाई होनी चाहिए।

- कूड़े का उठान भी नियमित रूप से कराया जाना चाहिए।

- सफाई कर्मचारियों को दस्ताने व मास्क पहनना चाहिए।

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